{"_id":"58b6eb344f1c1b687f8315ee","slug":"story-of-dacoit-pancham-singh","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"जानें, 100 मर्डर करने वाला 1 करोड़ का इनामी डाकू कैसे बना ‘महात्मा’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जानें, 100 मर्डर करने वाला 1 करोड़ का इनामी डाकू कैसे बना ‘महात्मा’
Wed, 05 Apr 2017 07:44 AM IST
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 05 Apr 2017 07:44 AM IST
विज्ञापन
1 of 6
पंचम सिंह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
सौ मर्डर करने वाला 550 डाकुओं का सरदार 1 करोड़ का इनामी डकैत बन गया। 14 साल तक चंबल के बीहड़ों पर किया राज। कत्ल, अपहरण व डकैती के लगभग तीन सौ से ज्यादा केस। मध्यप्रदेश ,उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अपना सिक्का जमाया , लेकिन एक ही झटके में डाकू पंचम सिंह चौहान बन गए संत भाई पंचम सिंह। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी की शिक्षाएं क्या मिलीं, पंचम भी ‘महात्मा’ बन गए।
जानें, 100 मर्डर करने वाला 1 करोड़ का इनामी डाकू कैसे बना ‘महात्मा’
2 of 6
पंचम सिंह
पंचम सिंह ने अपने डाकू वाले जीवन पर बातचीत करते हुए बताया कि हमारा 550 डाकुओं का एक गिरोह था और मैं डाकुओं का सरदार हुआ करता था तथा मेरा और मेरे 2 अन्य डाकू साथियों भोर सिंह व डाकू माधो सिंह के गिरोह का मध्य प्रदेश में पूरा आतंक था और हम अन्याय के खिलाफ थे। अन्याय करने वाले कई लोगों की हमने हत्या की थी ।
जानें, 100 मर्डर करने वाला 1 करोड़ का इनामी डाकू कैसे बना ‘महात्मा’
3 of 6
पंचम सिंह
पंचम ने बताया कि 1972 में अदालत ने मुझे, भोर सिंह और माधो सिंह को फांसी की सजा सुना दी तथा लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने राष्ट्रपति के पास मेरी फांसी की सजा माफ करने के लिए रहम की अपील की और मेरी फांसी की सजा उम्रकैद की सजा में तबदील कर दी गई। जबकि भोर सिंह व माधो सिंह को फांसी दे दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानें, 100 मर्डर करने वाला 1 करोड़ का इनामी डाकू कैसे बना ‘महात्मा’
4 of 6
पंचम सिंह
पंचम सिंह ने बताया कि आखिर एक दिन ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रेरणा ने मेरा जीवन ही बदल दिया और उम्रकैद की सजा होने के बावजूद 8 साल बाद सरकार ने मुझे रिहा कर दिया तथा मेरी जिंदगी का उद्देश्य ही बदल गया। समर्पण करने के बाद जब पंचम जेल में सजा काट रहे थे, तब प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की मुख्य संचालिका दादी प्रकाश जेल आईं थीं । उन्हें इंदिरा गांधी ने चुनौती दी थी कि डाकुओं का मन बदल कर दिखाएं । दादीजी ने प्रेरित किया तो मन बदल गया ।
विज्ञापन
जानें, 100 मर्डर करने वाला 1 करोड़ का इनामी डाकू कैसे बना ‘महात्मा’
5 of 6
पंचम सिंह
एक जमाने के खूंखार डाकू रहे पंचम सिंह आज राज योगी हैं और उनका मानना है कि मन मंदिर है और धन-दौलत तथा दुनिया की हर ऐशो-आराम की चीज पास होने के बावजूद भी मनुष्य को मन की शांति नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि मन की शांति परमात्मा से जुडऩे से मिलती है। नफरत की जगह मेरे दिल में प्यार बस गया।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।