{"_id":"61c9e6a870e42776f41f9b24","slug":"tax-raid-perfume-business-case-piyush-jain-disclosure","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Tax Raid: छह माह पहले पीयूष के ठिकानों पर रखी गई रकम, कानपुर में 2000, 500 और 100 के नोट मिले, तो कन्नौज में हर तरह के","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Tax Raid: छह माह पहले पीयूष के ठिकानों पर रखी गई रकम, कानपुर में 2000, 500 और 100 के नोट मिले, तो कन्नौज में हर तरह के
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 27 Dec 2021 09:45 PM IST
विज्ञापन
Tax Raid: इत्र कारोबारी पीयूष जैन का मामला
- फोटो : amar ujala
इत्र कारोबारी पीयूष जैन के ठिकानों पर करोड़ों रुपये की नकदी छह माह पहले ही रखी गई थी। आनंदपुरी स्थित निवास से मिले 177 करोड़ रुपयों में दो हजार, पांच सौ और सौ के नोट मिले हैं, जबकि कन्नौज में 10 से लेकर दो हजार तक के नोट हैं।
Trending Videos
Tax Raid
- फोटो : अमर उजाला
बेटों-परिजनों को हिरासत में तो सामने आया
सूत्रों ने बताया कि छापे की कार्रवाई के बाद इत्र कारोबारी पीयूष जैन फरार हो गया था। इस पर जांच टीमों ने जब बेटों और भतीजे को हिरासत में लिया तो वह सामने आया। जांच अफसरों ने पीयूष को फोन कर चेतावनी दी कि भागोगे तो पछताओगे। इसके बाद कारोबारी कानपुर स्थित आवास पहुंचा था, जहां पर टीम ने पूछताछ के बाद हिरासत में लिया था।
सूत्रों ने बताया कि छापे की कार्रवाई के बाद इत्र कारोबारी पीयूष जैन फरार हो गया था। इस पर जांच टीमों ने जब बेटों और भतीजे को हिरासत में लिया तो वह सामने आया। जांच अफसरों ने पीयूष को फोन कर चेतावनी दी कि भागोगे तो पछताओगे। इसके बाद कारोबारी कानपुर स्थित आवास पहुंचा था, जहां पर टीम ने पूछताछ के बाद हिरासत में लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Tax raid: पीयूष जैन को टीम ने गिरफ्तार किया
- फोटो : amar ujala
सालाना 15 लाख की कमाई पर आयकर रिटर्न
पीयूष जैन के पास करोड़ों रुपये की नकदी और बेहिसाब संपत्तियां हैं, लेकिन उसके सालाना आयकर रिटर्न में 15 लाख रुपये की कमाई दिखाई जाती थी। इसके अलावा पिता की कमाई 18 लाख और पत्नी की कमाई आठ लाख रुपये सालाना बताई गई। इसकी कंपनी ओडोकेम का सालाना टर्न ओवर महज सात करोड़ है। हालांकि, अभी आयकर विभाग ने जांच नहीं शुरू की है, लेकिन बीते 10 सालों के आयकर और जीएसटी के रिटर्नों का मिलान किया गया है। यह मिलान छापे से पहले किया गया था। इसी को आधार बनाते हुए सुबूत जुटाकर डीजीजीआई की टीम ने एक साथ कार्रवाई की। सूत्रों ने बताया कि अफसरों को बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी की उम्मीद थी, लेकिन यहां कुबेर का खजाना मिल गया।
पीयूष जैन के पास करोड़ों रुपये की नकदी और बेहिसाब संपत्तियां हैं, लेकिन उसके सालाना आयकर रिटर्न में 15 लाख रुपये की कमाई दिखाई जाती थी। इसके अलावा पिता की कमाई 18 लाख और पत्नी की कमाई आठ लाख रुपये सालाना बताई गई। इसकी कंपनी ओडोकेम का सालाना टर्न ओवर महज सात करोड़ है। हालांकि, अभी आयकर विभाग ने जांच नहीं शुरू की है, लेकिन बीते 10 सालों के आयकर और जीएसटी के रिटर्नों का मिलान किया गया है। यह मिलान छापे से पहले किया गया था। इसी को आधार बनाते हुए सुबूत जुटाकर डीजीजीआई की टीम ने एक साथ कार्रवाई की। सूत्रों ने बताया कि अफसरों को बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी की उम्मीद थी, लेकिन यहां कुबेर का खजाना मिल गया।
Tax raid: पीयूष जैन को भेजा गया जेल
- फोटो : अमर उजाला
थाने की फर्श पर करवटें बदलते गुजरी काली कमाई के कुबेर की रात
अकूत संपत्ति के मालिक पीयूष जैन को डीजीजीआई के अधिकारी रविवार देररात काकादेव थाने लेकर पहुंचे। कानूनी प्रक्रिया के साथ उसे पुलिस के सुपुर्द कर टीम लौट गई। आलीशान घर और आरामतलबी की जिंदगी गुजारने वाले पीयूष ने पहली बार थाने की फर्श पर करवटें बदलते हुए रात गुजारी। थाने में उसे बिछाने के लिए एक मैली चादर और ओढ़ने के लिए कंबल मिला। सोमवार दोपहर थाने पहुंचे अधिकारी उसे कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश करने के लिए ले गए।
डीजीजीआई के अधिकारी सोमवार देररात करीब तीन बजे पीयूष को लेकर थाने पहुंचे। अधिकारियों के थाने पहुंचने की जानकारी थाना प्रभारी तक को नहीं थी। टीम के थाने पहुंचते ही रात्रि अधिकारी ने थाना प्रभारी को फोन पर जानकारी दी तो वह भी पहुंच गए।
अधिकारियों ने पीयूष को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। करीब पौन घंटे थाने में रहने के बाद टीम चली गई। पुलिस ने पीयूष जैन को थाना परिसर स्थित महिला हेल्प डेस्क के केबिन में भेज दिया। तीन तरफ से कांच की पारदर्शी दीवारों से ढंके छोटे से केबिन के एक कोने में पीयूष ने चादर बिछाई और कंबल ओढ़ने के बाद भी ठिठुरते हुए रात गुजारी। पीयूष के थाने में मौजूद होने की भनक लगते ही सोमवार सुबह करीब 10 बजे से मीडिया ने थाने पहुंचकर केबिन को घेर लिया। पीयूष के सोकर उठने का इंतजार करने लगे। सुबह करीब 11:30 बजे डीजीजीआई के अधिकारी थाने पहुंचे। थाने में औपचारिकताएं पूरी कर 12:32 बजे पीयूष को इनोवा कार में लेकर निकले। सुबह पीयूष के कुछ परिजन नाश्ते का थैला लेकर थाने पहुंचे। हालांकि, सुरक्षा कारणों से पुलिस ने नाश्ता नहीं देने दिया। वहीं, परिजनों ने किसी से भी कोई बात करने से इनकार कर दिया।
अकूत संपत्ति के मालिक पीयूष जैन को डीजीजीआई के अधिकारी रविवार देररात काकादेव थाने लेकर पहुंचे। कानूनी प्रक्रिया के साथ उसे पुलिस के सुपुर्द कर टीम लौट गई। आलीशान घर और आरामतलबी की जिंदगी गुजारने वाले पीयूष ने पहली बार थाने की फर्श पर करवटें बदलते हुए रात गुजारी। थाने में उसे बिछाने के लिए एक मैली चादर और ओढ़ने के लिए कंबल मिला। सोमवार दोपहर थाने पहुंचे अधिकारी उसे कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश करने के लिए ले गए।
डीजीजीआई के अधिकारी सोमवार देररात करीब तीन बजे पीयूष को लेकर थाने पहुंचे। अधिकारियों के थाने पहुंचने की जानकारी थाना प्रभारी तक को नहीं थी। टीम के थाने पहुंचते ही रात्रि अधिकारी ने थाना प्रभारी को फोन पर जानकारी दी तो वह भी पहुंच गए।
अधिकारियों ने पीयूष को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। करीब पौन घंटे थाने में रहने के बाद टीम चली गई। पुलिस ने पीयूष जैन को थाना परिसर स्थित महिला हेल्प डेस्क के केबिन में भेज दिया। तीन तरफ से कांच की पारदर्शी दीवारों से ढंके छोटे से केबिन के एक कोने में पीयूष ने चादर बिछाई और कंबल ओढ़ने के बाद भी ठिठुरते हुए रात गुजारी। पीयूष के थाने में मौजूद होने की भनक लगते ही सोमवार सुबह करीब 10 बजे से मीडिया ने थाने पहुंचकर केबिन को घेर लिया। पीयूष के सोकर उठने का इंतजार करने लगे। सुबह करीब 11:30 बजे डीजीजीआई के अधिकारी थाने पहुंचे। थाने में औपचारिकताएं पूरी कर 12:32 बजे पीयूष को इनोवा कार में लेकर निकले। सुबह पीयूष के कुछ परिजन नाश्ते का थैला लेकर थाने पहुंचे। हालांकि, सुरक्षा कारणों से पुलिस ने नाश्ता नहीं देने दिया। वहीं, परिजनों ने किसी से भी कोई बात करने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन
Tax Raid: कानपुर कोर्ट में पेशी के लिए जाता पीयूष
- फोटो : amar ujala
मुंह छिपाकर लेटा रहा पीयूष
सुबह केबिन के बाहर मीडिया की चहलकदमी की भनक लगने के बाद पीयूष कंबल से अपना मुंह ढंककर घंटों लेटा रहा। मीडियाकर्मी पारदर्शी शीशों से ही उसकी तस्वीरें लेने का प्रयास करते रहे। दोपहर में डीजीजीआई के अधिकारियों ने केबिन के अंदर पहुंचकर पीयूष को उठाया और साथ चलने का इशारा किया। इस पर वह तुरंत उठा और सीधे बाहर निकलकर कार में बैठ गया।
आरआरएफ की मौजूदगी में की गई रवानगी
सुरक्षा के लिहाज से डीजीजीआई के अधिकारी पीयूष को उस वक्त थाने लेकर पहुंचे, जब सभी लोग गहरी नींद में सो रहे थे। सुबह थाने में पीयूष की मौजूदगी की खबर फैलते ही थाने के अंदर और बाहर लोगों की भीड़ जमा होने लगी। इसकी जानकारी पर डीजीजीआई के अधिकारियों ने पुलिस कमिश्नर से बात कर कोर्ट तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त फोर्स मांगा। इसके बाद एक कंपनी आरआरएफ की मौजूदगी में पीयूष को कोर्ट भेजा गया।
सुबह केबिन के बाहर मीडिया की चहलकदमी की भनक लगने के बाद पीयूष कंबल से अपना मुंह ढंककर घंटों लेटा रहा। मीडियाकर्मी पारदर्शी शीशों से ही उसकी तस्वीरें लेने का प्रयास करते रहे। दोपहर में डीजीजीआई के अधिकारियों ने केबिन के अंदर पहुंचकर पीयूष को उठाया और साथ चलने का इशारा किया। इस पर वह तुरंत उठा और सीधे बाहर निकलकर कार में बैठ गया।
आरआरएफ की मौजूदगी में की गई रवानगी
सुरक्षा के लिहाज से डीजीजीआई के अधिकारी पीयूष को उस वक्त थाने लेकर पहुंचे, जब सभी लोग गहरी नींद में सो रहे थे। सुबह थाने में पीयूष की मौजूदगी की खबर फैलते ही थाने के अंदर और बाहर लोगों की भीड़ जमा होने लगी। इसकी जानकारी पर डीजीजीआई के अधिकारियों ने पुलिस कमिश्नर से बात कर कोर्ट तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त फोर्स मांगा। इसके बाद एक कंपनी आरआरएफ की मौजूदगी में पीयूष को कोर्ट भेजा गया।