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पुरुषोत्तम एक्सप्रेस में चोरी हुआ यात्री का सामान, उसकी जागरुकता देती है आपको भी सीख

Wed, 26 Sep 2018 09:03 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 26 Sep 2018 09:03 PM IST
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Theft in Purushottam Express man complaint on Twitter
यात्री - फोटो : अमर उजाला
कानपुरः ठाणे के एक यात्री का सामान, रुपये, लैपटॉप, पासपोर्ट ट्रेन में चोरी हो गया है। घटना कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर हुई और यात्री जब इलाहाबाद पहुंचा तो जेब में फूटी कौड़ी नहीं थी। कोई जान-पहचान का भी नहीं। रहने खाने का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा था लेकिन डिजिटल युग ने उनकी इस परेशानी को एक क्लिक में आसान कर दिया क्योंकि वह नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करता था। रेल मंत्री को ट्विटर पर शिकायत की तो मामला कानपुर आरपीएफ पहुंचा। छानबीन पर पासपोर्ट और कुछ सामान तो मिल गया लेकिन 18 हजार रुपये और लैपटॉप नहीं मिल सके।


 
Theft in Purushottam Express man complaint on Twitter
पुरुषोत्तम एक्सप्रेस
दरअसल, ठाणे की एक इलेक्ट्रिक उपकरण बनाने वाली कंपनी में काम करने वाले गिरीश मधुकर 16 सितंबर को पुरुषोत्तम एक्सप्रेस से इलाहाबाद जा रहे थे। वह सेकेंड एसी क्लास के ए-२ कोच की 45 नंबर सीट पर बैठे थे। रात में उन्होंने पर्स, समेत पूरा सामान लैपटॉप के बैग में रखकर सो गए। बैग वह अपने पास ही रखे थे। जब ट्रेन कानपुर सेंट्रल पर रुकी तो उन्हें लगा कि किसी ने उनका बैग उठाया है। नींद खुली तो बैग गायब था और ट्रेन भी छूट रही थी।
Theft in Purushottam Express man complaint on Twitter
पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, यात्री
इसकी शिकायत उन्होंने ट्वीट पर रेलवे मंत्रालय तक पहुंचाई। वह जब इलाहाबाद पहुंचे तो उनके पास जेब में एक रुपये भी नहीं था और न ही वहां कोई जानने वाला। वह एक होटल में रुकने के लिए पहुंचे और होटल के एकाउंट में नेट बैंकिंग से रुपये ट्रांसफर किए और इसके बदले में कैश मांगा। बात बनी उनका काम चल सका। उधर, आरपीएफ ने उनका चोरी हुआ सामान सिटी साइड में सीढियों के किनारे से बरामद कर लिया। चोर ने उनके 18 हजार रुपये, लैपटॉप लेकर बाकी सामान छोड़ दिया। इसकी शिकायत इलाहाबाद जीआरपी में भी की थी।
 
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Theft in Purushottam Express man complaint on Twitter
यात्री - फोटो : अमर उजाला
गिरीश ने बताया कि पासपोर्ट मिल गया। लेकिन लैपटॉप में बहुत जरूरी जानकारियां थीं। रुपये तो दोबारा कमा लेंगे लेकिन डाटा मिलने में मुश्किल होगी। उन्होंने बताया कि अगर डिजिटल इंडिया मिशन के तहत लोगों में इतनी जागरूकता न होती तो इलाहाबाद में भूखे प्यासे रह जाते।
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