सब्सक्राइब करें

UP Weather: मार्च, अप्रैल और मई में बारिश का वनवास, पिछले 12 सालों में सबसे कम हुई प्री मानसूनी बारिश, और बढ़ेगा संकट

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 01 Jun 2022 10:02 AM IST
विज्ञापन
UP Weather Update: Pre-monsoon rainfall is the lowest in the last 12 years
भीषण गर्मी से लोग हुए बेहाल - फोटो : अमर उजाला
यूपी के कानपुर समेत आसपास के शहरों में इस साल गर्मी ने राहत का एक भी मौका लोगों को नहीं दिया। मार्च, अप्रैल और मई में मात्र 0.2 मिलीमीटर प्री मानसूनी बारिश रिकॉर्ड की गई। पिछले 12 सालों का यदि रिकॉर्ड देखें तो इन तीनों महीनों में इस साल ही सबसे कम पानी बरसा है। 2015 में झमाझम प्री मानसूनी बारिश हुई थी।


तब 205.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी। 2013 में 1.9 मिमी. बारिश हुई थी। इस बार धूल भरी आंधी तो कई बार आई लेकिन बादल नहीं बरसे। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित चार दिवसीय जलवायु परिवर्तन सेमिनार के अवसर पर आए राष्ट्रीय स्तर के मौसम वैज्ञानिकों ने मौसम के बदलाव की इस स्थिति पर चिंता जाहिर की है। मौसम विभाग के पास 12 साल पहले का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
Trending Videos
UP Weather Update: Pre-monsoon rainfall is the lowest in the last 12 years
कानपुर में भीषण गर्मी - फोटो : अमर उजाला
मौसम विभाग की तरफ से जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार पूर्व और उत्तर पूर्व भारत में कई स्थानों पर प्री मानसून सीजन के दौरान अच्छी प्री मानसूनी बारिश दर्ज की गई। रिपोर्ट में बिहार व झारखंड दोनों को सामान्य बारिश की श्रेणी रखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
UP Weather Update: Pre-monsoon rainfall is the lowest in the last 12 years
कानपुर में भीषण गर्मी - फोटो : अमर उजाला
बिहार में सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है और झारखंड में 5 प्रतिशत कम रही, जबकि कानपुर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 प्रतिशत की कमी के साथ इस पूरे क्षेत्र को कम बारिश की श्रेणी में रखा गया है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सात प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
UP Weather Update: Pre-monsoon rainfall is the lowest in the last 12 years
कानपुर में भीषण गर्मी - फोटो : अमर उजाला
सीएसए मौसम विभाग के प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय ने कहा कि कानपुर व इसके आसपास बारिश नहीं होने की जो सबसे बड़ी वजह सामने आई है, उसमें हीट आईलैंड का लगातार बढ़ना, मेट्रो व तमाम दूसरे निर्माण होने से उठने वाली धूल, वाहनों और औद्योगिक इकाइयों से उठने वाला धुआं शामिल है। इसकी वजह से शहर के ऊपर हानिकारक गैसों की एक परत सी जमा हो गई है, जिससे जमीन से ऊपर उठने वाली उष्मा (गर्मी) परत से ऊपर नहीं जा पा रही है। ऐसे में हवा में नमी की मात्रा बारिश के लायक नहीं बन पा रही है।
विज्ञापन
UP Weather Update: Pre-monsoon rainfall is the lowest in the last 12 years
कानपुर में भीषण गर्मी - फोटो : अमर उजाला
मार्च से मई तक हुई बारिश का वार्षिक आंकड़ा (मिलीमीटर में)
2011 - 27.2
2012 - 9.6
2013 - 1.9
2014 - 22
2015 - 205.5
2016 - 59.7
2017 - 22.6
2018 - 18.4
2019 - 10.8
2020 - 147.5
2021 - 43.2
2022 - 0.2
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed