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विकास दुबे के पैर छूता था एसओ विनय तिवारी, ऑडियो में एक और खौफनाक साजिश का खुलासा
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 07 Aug 2020 08:49 AM IST
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Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडिया पर वायरल एक कॉल रिकॉर्डिंग से पुलिस अफसरों के बीच साठगांठ और तनातनी का एक बार फिर खुलासा हुआ है। इसमें हुई बातचीत बिकरू में शहीद डीएसपी देवेंद्र मिश्र और एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव के बीच की बताई जा रही है। ये आडियो बिकरू में दबिश से ठीक पहले का बताया जा रहा है।
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kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
इसमें तत्कालीन चौबेपुर एसओ विनय तिवारी और तत्कालीन एक बड़े अधिकारी पर सीओ आरोप लगा रहे हैं। डीएसपी कह रहे हैं कि चौबेपुर में पकड़े गए जुआरियों पर गैंगस्टर न लगे, इसके लिए विनय ने तत्कालीन अधिकारी को पांच लाख रुपये दिए थे। वायरल रिकॉर्डिंग के मुताबिक दो जुलाई की रात बिकरू गांव में दबिश देने से कुछ देर पहले डीएसपी देवेंद्र मिश्र ने एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव को फोन किया था।
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Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
कहा था कि एसओ विनय तिवारी, विकास दुबे के पैर छूता है। इसलिए वो मुझे भी दबिश पर ले जाना चाहता है, जिससे वो बाद में विकास से कह सके कि दबिश सीओ ने डलवाई थी। डीएसपी ने कहा कि एसओ जुआ करवा लाखों रुपये वसूलता था जिसे उन्होंने खुद पकड़ा। रिपोर्ट भेजी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। डीएसपी ने कहा कि एसओ ने जुआ के आरोपियों को डराया कि तुम पर गैंगस्टर लग जाएगा। जिसके बाद उनसे पांच लाख रुपये देकर अधिकारी को दे दिए।
Vikas Dubey encounter
- फोटो : अमर उजाला
वहीं संबंधित अधिकारी ने आरोप निराधार बताए हैं। कहा, निष्पक्ष जांच कराने के लिए ही जुआ पकड़े जाने का मुकदमा चौबेपुर के बजाए बिल्हौर थाने में दर्ज कराया था। गैंगस्टर की कार्रवाई चौबेपुर एसओ को नहीं बल्कि बिल्हौर इंस्पेक्टर व सीओ बिल्हौर को ही करनी थी। जब चौबेपुर एसओ के पास गैंगस्टर लगाने का अधिकार ही नहीं था तो वो आरोपियों को इसके लिए कैसे धमकाकर पैसे ले सकता है।
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kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
सीओ के खिलाफ भी हुई थी जांच
चौबेपुर केजरारी गांव में जुआ पकड़े जाने के मामले में एडीजी जोन से एक शिकायत हुई थी जिसमें आरोप था कि सीओ ने पूरी जांच हल्के में निपटा दी। इसकी जांच ट्रेनी आईपीएस निखिल पाठक ने की थी। साथ ही एसओ विनय तिवारी पर लगे आरोपों की भी जांच की। पुलिसकर्मियों के अलावा, ग्रामीणों के बयान लिए थे जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की थी। जांच में आरोप के साक्ष्य नहीं मिले थे।
(नोट-खबर वायरल कॉल रिकॉर्डिंग पर आधारित है। दावा किया जा रहा है कि इसमें शहीद डीएसपी देवेंद्र मिश्र और एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव के बीच की बातचीत है। अमर उजाला इसकी पुष्टि नहीं करता है। )
चौबेपुर केजरारी गांव में जुआ पकड़े जाने के मामले में एडीजी जोन से एक शिकायत हुई थी जिसमें आरोप था कि सीओ ने पूरी जांच हल्के में निपटा दी। इसकी जांच ट्रेनी आईपीएस निखिल पाठक ने की थी। साथ ही एसओ विनय तिवारी पर लगे आरोपों की भी जांच की। पुलिसकर्मियों के अलावा, ग्रामीणों के बयान लिए थे जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की थी। जांच में आरोप के साक्ष्य नहीं मिले थे।
(नोट-खबर वायरल कॉल रिकॉर्डिंग पर आधारित है। दावा किया जा रहा है कि इसमें शहीद डीएसपी देवेंद्र मिश्र और एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव के बीच की बातचीत है। अमर उजाला इसकी पुष्टि नहीं करता है। )