{"_id":"5f2c3e678ebc3e3cdf044800","slug":"vikas-dubey-news-police-and-stf-investigation-revealed","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बिकरू कांड: पुलिस और एसटीएफ जांच में बड़ा खुलासा, विकास ने गुर्गों को खरीदकर दिए थे असलहे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिकरू कांड: पुलिस और एसटीएफ जांच में बड़ा खुलासा, विकास ने गुर्गों को खरीदकर दिए थे असलहे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Fri, 07 Aug 2020 09:47 AM IST
विज्ञापन
विकास दुबे फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड मामले में पुलिस और एसटीएफ की जांच में एक और खुलासा हुआ है। जिन गुर्गों के पास लाइसेंसी असलहे थे, उनमें दहशतगर्द विकास दुबे का ही पैसा लगा था। अधिकतर असलहे एक गन हाउस से खरीदे गए थे। असलहे, कब, कहां और कितने में खरीदे गए, इसका ब्यौरा जुटा लिया गया है।
Trending Videos
कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू गांव के 26 लोगों के पास 28 शस्त्र लाइसेंस मिले हैं। इसके अलावा आसपास गांव के दर्जनों लोगों के पास भी शस्त्र लाइसेंस हैं। इसमें से अधिकतर लोग विकास के खास थे। पुलिस के मुताबिक विकास और उसके भाई दीपक के पास राइफल व अंजलि (दीपक की पत्नी) के पास रिवाल्वर थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विकास दुबे एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
विकास ने अपने उन लोगों के नाम पर भी लाइसेंस बनवाए, जिनका आपराधिक इतिहास नहीं था। इनके पास असलहा खरीदने के पैसे नहीं थे, ऐसे में विकास ने अपने पास लाखों रुपये खर्च असलहे खरीदवाए। इन असलहों को वह अपने पास रखता था और इस्तेमाल करता था। शस्त्र लाइसेंस धारक इससे बेखबर रहते थे।
विकास दुबे का एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
गन हाउस मालिक रडार पर
पुलिस ने जब शस्त्र लाइसेंस धारकों से पूछताछ की तो वो कारतूसों का ब्यौरा नहीं दे सके। इसक मुख्य कारण यही था कि असलहा, कारतूस का इस्तेमाल विकास व उसके खास गुर्गे करते थे। किसका असलहा किसके पास है और उससे कितनी गोलियां दागी जा रही हैं, कोई जानकारी नहीं रहती थी।
पुलिस ने जब शस्त्र लाइसेंस धारकों से पूछताछ की तो वो कारतूसों का ब्यौरा नहीं दे सके। इसक मुख्य कारण यही था कि असलहा, कारतूस का इस्तेमाल विकास व उसके खास गुर्गे करते थे। किसका असलहा किसके पास है और उससे कितनी गोलियां दागी जा रही हैं, कोई जानकारी नहीं रहती थी।
विज्ञापन
कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
वहीं पुलिस की जांच में एक गन हाउस मालिक भी रडार पर आया है। उसने कारतूस देने में कई गड़बड़ियां की हैं। इसके अलावा एक ही गन हाउस से इतने अधिक असलहों की खरीदारी होती रही और उसका मालिक चुप रहा। इस वजह से उसकी विकास के साथ मिलीभगत की आशंका है। पुलिस गन हाउस मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही है। अगर साक्ष्य मिले तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।