मैनपुरी के किशनी के जटपुरा चौराहे पर स्थित रामजानकी आश्रम के 80 वर्षीय महंत सुरेंद्र दास की मृत्यु के बाद उनकी आश्रम के भीतर अंत्येष्टि को लेकर शनिवार सुबह भारी बवाल हो गया। पुलिस-प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप कर शव का अंतिम संस्कार आश्रम के बाहर कराया और अगले आदेश तक मंदिर को सील कर दिया। मंदिर में लोगों के प्रवेश और पूजा-पाठ पर भी रोक लगा दी गई है। आश्रम के भीतर अंत्येष्टि नहीं करने दे रहे महंत रघुनंदन दास के अनुयायियों ने सुरेंद्र दास का शव शनिवार सुबह उठाने की कोशिश की, जिससे दोनों पक्षों में भीषण भिड़ंत हो गई। इस दौरान जमकर हाथापाई और पथराव हुआ, जिसमें तीन लोग घायल हो गए।
{"_id":"6844234f57cdcf126a0fde27","slug":"uproar-over-last-rites-of-mahant-surendra-das-in-mainpuri-2025-06-07","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"UP: मैनपुरी में महंत की अंत्येष्टि पर खूनी संघर्ष...आश्रम के बाहर मारपीट और पथराव, मंदिर पर ताला; पूजा-पाठ बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: मैनपुरी में महंत की अंत्येष्टि पर खूनी संघर्ष...आश्रम के बाहर मारपीट और पथराव, मंदिर पर ताला; पूजा-पाठ बंद
Sat, 07 Jun 2025 05:06 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 07 Jun 2025 05:06 PM IST
सार
आश्रम में अनुयायियों के साथ घुसे बैठे रघुनंदन दास को एसपी सिटी आईपीएस अरुण कुमार की मौजूदगी में बाहर निकाला गया। पुलिस ने आश्रम के गेट पर दोपहर में ताला लगा दिया। चाबी ट्रस्ट के कार्यकारी अध्यक्ष तहसीलदार किशनी को सौंपी गई।
विज्ञापन
महंत का फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महंत के निधन पर बवाल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घायल और हिरासत में लिए गए लोग
इस झड़प में रघुनंदन पक्ष के रणवीर और सुभाष घायल हुए, जबकि दूसरे पक्ष से जितेंद्र उर्फ मुखिया घायल हुए। इन्हें उपचार के लिए भेजा गया है। पुलिस ने रघुनंदन पक्ष से प्रवेश यादव और दूसरे पक्ष से कुंतेश कुमार, जितेंद्र सिंह, विजय प्रकाश, रामचंद्र, आनंद, राधा मोहन, अंकुर, रामनरेश, आसाराम को हिरासत में लिया है।
इस झड़प में रघुनंदन पक्ष के रणवीर और सुभाष घायल हुए, जबकि दूसरे पक्ष से जितेंद्र उर्फ मुखिया घायल हुए। इन्हें उपचार के लिए भेजा गया है। पुलिस ने रघुनंदन पक्ष से प्रवेश यादव और दूसरे पक्ष से कुंतेश कुमार, जितेंद्र सिंह, विजय प्रकाश, रामचंद्र, आनंद, राधा मोहन, अंकुर, रामनरेश, आसाराम को हिरासत में लिया है।
पुलिस बल के साथ अधिकारी रहे माैजूद।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विवादित भूमि और आनन-फानन में अंतिम संस्कार
रामजानकी मंदिर के अध्यक्ष तहसीलदार घासीराम ने विवादित जमीन का हवाला देते हुए आश्रम के अंदर अंतिम संस्कार से मना कर दिया। अंत में तय हुआ कि अंत्येष्टि आश्रम के बराबर वाली जमीन पर की जाएगी। सुबह 11 बजे एसडीएम गोपाल शर्मा, सीओ भोगांव सत्यप्रकाश शर्मा और तहसीलदार घासीराम व भारी पुलिस बल की मौजूदगी में तय स्थल पर अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। मुखाग्नि ग्राम प्रधान विजय प्रकाश ने दी।
रामजानकी मंदिर के अध्यक्ष तहसीलदार घासीराम ने विवादित जमीन का हवाला देते हुए आश्रम के अंदर अंतिम संस्कार से मना कर दिया। अंत में तय हुआ कि अंत्येष्टि आश्रम के बराबर वाली जमीन पर की जाएगी। सुबह 11 बजे एसडीएम गोपाल शर्मा, सीओ भोगांव सत्यप्रकाश शर्मा और तहसीलदार घासीराम व भारी पुलिस बल की मौजूदगी में तय स्थल पर अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। मुखाग्नि ग्राम प्रधान विजय प्रकाश ने दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
महंत की माैत पर बवाल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
24 घंटे से अधिक रखा रहा शव, वर्चस्व की लड़ाई
महंत सुरेंद्र दास का निधन बृहस्पतिवार रात को हो गया था। शुक्रवार को उनके अनुयायी शव को आश्रम के भीतर अंत्येष्टि के लिए ले जाने लगे, लेकिन रघुनंदन दास के पक्ष ने आश्रम में ताला लगा दिया और अंदर मौजूद लोगों ने शव को भीतर लाने से मना कर दिया। इस घटना से तनाव पैदा हो गया। पुलिस-प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद लौटे अनुयायी आश्रम के बाहर ही धरने पर बैठ गए और आश्रम के भीतर ही अंत्येष्टि की मांग पर अड़े रहे, जिससे शुक्रवार को शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका था। महंत के शिष्यों ने आरोप लगाया है कि आश्रम और उससे लगी 18 बीघा भूमि पर कब्जे की साजिश के चलते ही महंत ने प्राण त्यागे हैं। उन्होंने एक हिस्ट्रीशीटर के आश्रम में मौजूद होने का भी आरोप लगाया, जिसके खिलाफ शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
महंत सुरेंद्र दास का निधन बृहस्पतिवार रात को हो गया था। शुक्रवार को उनके अनुयायी शव को आश्रम के भीतर अंत्येष्टि के लिए ले जाने लगे, लेकिन रघुनंदन दास के पक्ष ने आश्रम में ताला लगा दिया और अंदर मौजूद लोगों ने शव को भीतर लाने से मना कर दिया। इस घटना से तनाव पैदा हो गया। पुलिस-प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद लौटे अनुयायी आश्रम के बाहर ही धरने पर बैठ गए और आश्रम के भीतर ही अंत्येष्टि की मांग पर अड़े रहे, जिससे शुक्रवार को शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका था। महंत के शिष्यों ने आरोप लगाया है कि आश्रम और उससे लगी 18 बीघा भूमि पर कब्जे की साजिश के चलते ही महंत ने प्राण त्यागे हैं। उन्होंने एक हिस्ट्रीशीटर के आश्रम में मौजूद होने का भी आरोप लगाया, जिसके खिलाफ शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
मंदिर पर लगा दिया ताला।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस बल तैनात, शांति व्यवस्था की अपील
एसपी गणेश प्रसाद के आदेश पर विवादित स्थल पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे उक्त स्थल पर न जुटें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह का बवाल करना या अफवाह फैलाना अपराध की श्रेणी में आएगा और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने शांति व्यवस्था से कोई खिलवाड़ न होने देने का आश्वासन दिया है।
एसपी गणेश प्रसाद के आदेश पर विवादित स्थल पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे उक्त स्थल पर न जुटें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह का बवाल करना या अफवाह फैलाना अपराध की श्रेणी में आएगा और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने शांति व्यवस्था से कोई खिलवाड़ न होने देने का आश्वासन दिया है।