एयर स्ट्राइक के बाद बाजार में धड़ल्ले से बिक रहे 'टैंक और मिसाइल', ये है असली वजह
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टैंक और मिसाइल से रंग की धार छूटेगी। हर्बल रंग व गुलाल के साथ शाइनिंग वाला ग्लिटर गुलाल भी बाजार में है। होली के लिए अभी से बाजार सजने लगा है। बड़े दुकानदारों के यहां मुखौटे, रंग, पिचकारी और टोपियों का डिस्प्ले हो गया है। फुटकर विक्रेताओं ने बड़े विक्रेताओं से पिचकारी, रंग आदि की खरीद शुरू कर दी है।
50 मीटर से भी दूर की धार
बाजार में इस बार अधिक दूरी की धार वाली पिचकारियों पर निर्माताओं का फोकस है। दुकानदारों का दावा है कि ये पिचकारियां 50 मीटर से अधिक दूरी तक रंग फेंक सकती है। टैंक, मिसाइल, फुव्वारे व बंदूक के आकार में इनको तैयार किया गया है। इनकी कीमत 50 से लेकर 1500 रुपये तक है। एल्युमिनियम, स्टील और प्लास्टिक तीनों ही मटीरियल में ये पिचकारियां तैयार की गई हैं। बच्चों के अलावा युवा भी इन्हें चला सकते हैं। इन्हीं पिचकारियों की मांग छोटे दुकानदार कर रहे हैं।
मारवाड़ी टोपी, मुर्गा बाल, शाइनिंग गुलाल
केमिकल युक्त रंगों से शरीर व त्वचा को होने वाले नुकसान को देखते हुए लोगों में प्राकृतिक और केमिकल रहित रंगों क ी मांग है। बाजार में इस बार खुशबूदार गुलाल, हर्बल गुलाल के साथ शाइनिंग गुलाल भी है। लाल, पीला, हरा, नीला, नारंगी, गुलाबी हर रंग में ये गिल्टरिंग गुलाल बाजार में है। 25 से लेकर 50 रुपये तक का पैकेट है।
दुकानदारों के अनुसार इस गुलाल को लगाने से कोई नुकसान नहीं होगा। कार्टून मुखौटे, बाल गणेश, हनुमान का मुखौटा, संाता क्लॉज मुखौटा भी है। हर्बल गुलाल के गिफ्ट पैकेट भी हैं। इसके साथ ही मारवाड़ी टोपी, जोकर टोपी, मुर्गा बाल, रंगीन मलिंगा बाल, बार्बी के बाल, हेयर एक्सटेंशन भी हैं। इसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं।