संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज पश्चिमी यूपी के जिलों में दिनभर हाईवों पर किसानों का चक्का जाम रहा। वहीं रालोद, सपा और कांग्रेस ने भी बंद को समर्थन दिया। उधर, बागपत जनपद के राष्ट्र वंदना चौक पर जाम में दूल्हे की गाड़ी फंस गई तो बीमार बच्चे को दवाई दिलाने के लिए अहैड़ा की महिला को कई किलोमीटर पैदल जाना पड़ा। रोहतक में ताई की मौत होने पर हापुड़ से जा रहा परिवार भी जाम में फंस गया।
भारत बंद: पश्चिमी यूपी के जिलों में दिनभर का हाल, कहीं जाम में फंसा दूल्हा तो कहीं बीमार बच्चे को पैदल लेकर चली मां, देखें तस्वीरें
उधर, मुजफ्फरनगर शहर और कस्बे के बाजार खुले रहे। व्यापारियों ने बंद का समर्थन नहीं किया। जनपद में केवल सिसौली कस्बे का बाजार बंद रहा। भारतीय किसान यूनियन ने नेशनल हाईवे समेत 12 स्थानों पर जाम लगाकर मार्गों का चक्का जाम किया। शाम चार बजे तक चक्का जाम रहा। इस दौरान रोडवेज और प्राइवेट बसें भी बंद रही। रालोद ने बंद का समर्थन किया मंसूरपुर क्षेत्र में धरना दिया। किसानों के समर्थन में कचहरी में भी वकीलों का नो वर्क रहा।
नेशनल व स्टेट हाईवे किए जाम, दूल्हे की गाड़ी फंसी तो बीमार बच्चे को पैदल लेकर चली मां
कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद के आह्वान पर बागपत जिले में भाकियू कार्यकर्ताओं व किसानों ने दस से ज्यादा जगहों पर नेशनल व स्टेट हाईवे पर जाम लगाया। इसके साथ ही भाकियू कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र वंदना चौक पर मानव श्रृंखला बनाकर विरोध जताया। रालोद नेता भी जाम में शामिल हुए तो सपा व कांग्रेस के नेता केवल समर्थन की घोषणा तक रहे। सड़कों पर जाम होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी। बागपत के राष्ट्र वंदना चौक पर जाम में दूल्हा की गाड़ी फंस गई तो बीमार बच्चे को दवाई दिलाने के लिए अहैड़ा की महिला को कई किलोमीटर पैदल जाना पड़ा। रोहतक में ताई की मौत होने पर हापुड़ से जा रहा परिवार भी जाम में फंस गया।
शामली जिले में सात स्थानों पर भाकियू ने चक्का जाम किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। शहर में गुरुद्वारे और विजय चौक पर जाम लगाया। बनत कस्बे में केंद्र सरकार का पुतला फूंककर धरना-प्रदर्शन किया। कैराना और कांधला में भी भाकियू कार्यकर्ताओं ने करीब तीन घंटे रास्ता जाम रखा। इस दौरान वाहन चालकों को काफी मुश्किलें झेलनी पड़ी। पुलिस ने बड़े वाहन शहर के बाहर ही रोक दिए। जिसके चलते बसों में सफर कर रहे लोगों को काफी परेशानी हुई। कैराना में एक दूल्हे की गाड़ी जाम में फंस गई। जिसे किसी तरह निकाला गया। वहीं बंद से व्यापारी दूर रहे और जिले के बाजार खुले रहे।
बिजनौर में भाकियू के आह्वान पर भारत बंद का कोई असर नहीं हुआ और बाजार रोज की तरह खुले रहे। भाकियू ने जिले भर में करीब 60 जगह पर चक्का जाम किया। चक्का जाम से कई जगह लोगों को परेशानी हुई। सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक चक्का जाम रहा। कई जगह पर यूनियन पदाधिकारियों ने राहगीरों को परेशानी से बचाने के लिए उन्हें दूसरे मार्गों से जाने से नहीं रोका। वक्ताओं ने कृषि कानूनों के वापस होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। वहीं पंजाब में रेलवे ट्रैक बाधित होने के चलते जिले में तीन से ज्यादा ट्रेने खड़ी रहीं।