मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा हुआ। एक्सप्रेसवे पर खराब खड़े ट्रक में दिल्ली की ओर से आ रही ब्रेजा गाड़ी पीछे से घुस गई। गाड़ी में सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सिर्फ सात महीने का एक बच्चा बचा है। पीछे से परिवार के लोग दूसरी गाड़ी में आ रहे थे, जिन्होंने यह हादसा देखा। परिवार में चीख-पुकार मच गई। सूचना के आधे घंटे बाद परतापुर पुलिस पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम हाउस भेजा।
हादसे की दर्दनाक तस्वीरें: खून से लाल हुआ हाईवे और मची चीख-पुकार, पांच की मौत से मचा कोहराम, गांव में पसरा मातम
बिजनौर के मोहल्ला मिर्दगान निवासी जहीर के घर पर सवेरे से ही आस पड़ोस के लोगों का तांता लगा रहा। घर में रिश्तेदार आए, लेकिन मेरठ के लिए रवाना हो गए। बता दें कि जहीर को सऊदी अरब, उसके बेटे जैद और भतीजे उजैफा को दुबई जाना था। ये तीनों विदेश में बढ़ई का काम करते हैं। इन्हें एयरपोर्ट तक छोड़ने के लिए जहीर का दामाद ताजिम निवासी मालीवाला कोतवाली देहात अपनी गाड़ी लेकर आया। ताजिम के साथ उसकी बीबी अल्मास और सात माह का बच्चा उमेर भी था। दो गाड़ियों से परिवार के 13 लोग एयरपोर्ट गए। वहां से लौटते वक्त मेरठ में ताजिम की गाड़ी हादसे का शिकार हो गई। इस गाड़ी में सवार जहीर के दामाद ताजिम, बेटी अल्मास पत्नी ताजिम, बेटी फाजिला आठ वर्ष, सास नसीमा निवासी कस्सावान और भतीजी जुबैरिया 10 वर्ष पुत्री जमीर की मौत हो गई। परिवार के बाकी लोग कैफ पुत्र जहीर, फारिया पुत्री जहीर, फायजा पुत्री जहीर और गुलशन पत्नी जहीर दूसरी गाड़ी में सवार थे।
दो साल पहले हुआ था ताजिम का निकाह
ग्राम इस्लामपुर लालू और मालीवाला निवासी ताजिम का विवाह लगभग दो वर्ष पूर्व बिजनौर के मोहल्ला मिर्दगान निवासी जहीर खान की पुत्री अलमास के साथ हुआ था। ताजीम का सात माह का पुत्र उमेर हादसे में बच गया। वहीं दंपती की मौत का समाचार गांव में पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। ग्रामीण परिजनों को सांत्वना देने के लिए घर पहुंचने लगे। ताजिम की मौत पर उसके भाइयों का रो-रो कर बुरा हाल है।
मौत खींच कर ले गई
ताजिम के भाई दिलशाद की पुत्री की सोमवार को मंगनी थी। ताजिम ने दिल्ली एयरपोर्ट पर जाने की बात कही तो परिजनों ने बहुत मना किया, लेकिन ताजिम ने सोमवार सुबह जल्दी लौट कर आने की बात कही और घर से चला गया। मंगनी की खुशियां ताजिम और उसकी पत्नी अलमास की मौत के साथ ही मातम में बदल गईं। परिजनों के अनुसार ताजिम का सात माह का पुत्र उमेर भी मेरठ में अस्पताल में भर्ती है। उसके नाक और मुंह से खून आ रहा है।
ब्रेजा गाड़ी ताजिम चला रहे थे। सुबह के 6:40 बजे थे। अंदेशा है कि ताजिम को नींद की झपकी लगी और गाड़ी ट्रक में घुस गई। बताया गया कि रात में बिजनौर से ताजिम ही गाड़ी चलाकर ले गए थे। तीन घंटे दिल्ली हवाई अड्डे पर रुके और फिर वापस चल दिए। बातचीत होने के चलते ताजिम सोये नहीं थे। कार में बच्चे समेत छह लोग थे। टक्कर होते ही चीख पुकार मची तो एक्सप्रेसवे पर भीड़ लग गई। लोग तमाशबीन खड़े थे, तभी दिल्ली की ओर से दूसरी गाड़ी आ गई, जिसमें से गुलशन उतरी। गुलशन ने चीखकर बताया कि गाड़ी में उसकी बेटी और दामाद समेत कई लोग हैं। तब जाकर लोगों ने क्षतिग्रस्त गाड़ी से शव निकालने शुरू किए। एक घंटे बाद पुलिस भी आ गई। सभी शव खून से लथपथ थे।