दुनियाभर में कोरोना का खौफ है। मेरठ में अब तक मिले कोरोना के 22408 मरीजों पर की गई स्टडी में इसके खौफ को लेकर दो बातें साफ हुई हैं, एक अच्छी और एक बुरी। बुरी यह है कि यह बेरहम है, उम्र कतई नहीं देखता और यदि पहले से बीमार हैं तो यह और भी ज्यादा खतरनाक है।
कोरोना के मरीजों पर स्टडी: सामने आई ये दो बड़ी बातें, सभी के लिए जानना बहुत जरूरी
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अच्छी बात यह है कि सावधानी और एहतियात रखें तो यह संक्रमित नहीं करेगा। सेहतमंद और युवाओं से यह हार जाता है। कोरोना से 412 मरीजों की मौत हुई है जो अब तक मिले कुल मरीजों का सिर्फ 1.84 प्रतिशत है। 94.9 प्रतिशत लोग कोरोना होने के बाद ठीक हो गए हैं। सिर्फ 2.2 प्रतिशत ही संक्रमित हुए हैं। 97.8 प्रतिशत लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिन लोगों की मौत हुई है उनमें अधिकांश पहले से बीमार थे।
शुगर और ह्रदय रोग के मरीज थे। ऐसे में उम्र दराज लोगों का खास ध्यान रखने की जरूरत है। सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि मरीजों के अवलोकन से यह बात भी पता चल रही है कि यह ज्यादा उसी व्यक्ति पर हमला करता है जो कोरोना के मरीज के ज्यादा करीब रहते हैं।
अगर सोशल डिस्टेंसिंग रखी जाए और थोड़ी सी सावधानी बरती जाए तो इससे आसानी से बचा जा सकता है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रवीण गौतम ने बताया कि ऐसे में यह सही है कि बचाव ही इसका उपचार है। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग सबसे ज्यादा जरूरी है।
कई मरीजों में नहीं थे लक्षण, निकला कोरोना
कोरोना पॉजिटिव आए मरीजों में कई मरीज ऐसे भी थे जिन्हें जांच से पहले कोरोना जैसे लक्षण नहीं थे। वे पूरी तरह से स्वस्थ नजर आ रहे थे। लेकिन जब उनके संपर्क वाला कोई व्यक्ति को कोरोना पॉजिटिव आया और फिर जांच में यह भी कोरोना पॉजिटिव मिले।
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