मेरठ का लिसाड़ीगेट इलाका अवैध हथियारों की मंडी बन चुका है। 20 दिसंबर को हिंसा में उपद्रवियों ने पुलिस फोर्स पर अवैध असलहों से गोलियां बरसाईं थीं। इसका खुलासा होने के बावजूद भी मेरठ पुलिस की नींद नहीं टूटी। दिल्ली पुलिस 50 पिस्टलों के साथ एक आरोपी को पकड़कर ले गई। अब सवाल उठता है कि आखिर मेरठ पुलिस क्या कर रही है: -
अवैध हथियारों की मंडी बना मेरठ का ये इलाका, दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए तैयार हुआ था भारी असलाह
दिल्ली पुलिस के टारगेट पर लिसाड़ीगेट में अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियां हैं। गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस अलर्ट पर है। संदिग्ध लोगों की तलाश में अभियान चल रहा है। इसी दौरान पकड़े गए हरियाणा के हथियार सप्लायर संजीव की निशानदेही पर गुपचुप लिसाड़ीगेट में दबिश दे दी। पचास पिस्टल और अधबने असलहे बरामद किए हैं।
इससे पहले मेरठ में कुछ बखेड़ा होता है कि पुलिस आरोपी नूर हसन को अवैध असलहों के साथ दिल्ली लेकर रवाना हो गई। सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने मेरठ में कब छापा मारा और अवैध पिस्टल बरामद की, इसकी जानकारी लिसाड़ीगेट पुलिस को नहीं है। पुलिस जांच पड़ताल करने में जुटी है।
आरोपियों के खिलाफ मेरठ पुलिस भी कार्रवाई करेगी। मेरठ से पुलिस की एक टीम दिल्ली भेजी जाएगी। आरोपी नूर हसन से पूछताछ करेगी। इन हथियारों को किसके लिए तैयार किया जा रहा था। इसकी जांच गंभीरता से की जाएगी।
जेल में हुई थी मुलाकात
दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आया हरियाणा का सप्लायर संजीव ने रोहतक स्थित एमडीयू से बीएससी की हुई है। वह गलत संगत में पड़कर अपराध करने लगा। सबसे पहले ये लूटपाट के मामले में गिरफ्तार हुआ था।
लिसाड़ीगेट में पकड़ा गया नूर हसन आठवीं तक पढ़ा है। जब वह दस वर्ष का था, तभी से अवैध हथियार बनाने लगा था। नूर हसन का पिता फकरूद्दीन कई बार गिरफ्तार हो चुका है। हाल ही में उसकी मां गिरफ्तार हुई थी। नूर हसन का भाई अली हसन हत्या के मामले में डासना जेल, गाजियाबाद में है। जेल में ही संजीव से हथियार बनाने वाले फकरूद्दीन की मुलाकात हुई थी।
20 दिसंबर से भी नहीं लिया सबक
मेरठ पुलिस ने 20 दिसंबर को होने वाली हिंसा से भी सबक नहीं लिया। हिंसा में उपद्रवियों ने अवैध हथियारों से पुलिस फोर्स पर गोलियां चलाई थीं। इसके बावजूद पुलिस ने लिसाड़ीगेट में अवैध हथियार बनाने और सप्लाई करने वालों के खिलाफ अभियान नहीं चलाया।
इतनी भारी मात्रा में असलहे बरामद होने से स्पष्ट है कि लिसाड़ीगेट में अवैध असलहे बनाने की फैक्टरी धड़ल्ले से चल रही है। इसको लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठना लाजिमी है।