सहारनपुर में कृष्ण कुमार की बेशुमार दौलत और ब्याज पर पैसा देना ही उनकी व पत्नी की हत्या का कारण बन गया। नानौता क्षेत्र के अनंतमऊ गांव से 25 साल पहले शिवपुरी में आकर बसे कृष्ण कुमार शर्मा ने काफी मात्रा में संपत्ति अर्जित कर ली थी। रामपुर मनिहारान से लेकर अन्य क्षेत्रों के 100 से ज्यादा लोगों को रकम देकर कृष्णपाल उनसे ब्याज वसूल रहे थे। ब्याज और मूलधन न चुकाने पर कृष्ण कुमार ने करण सिंह की जमीन अपने नाम कराई थी। अगली स्लाइडों में जानिए पूरा अपडेट-
बेशुमार दौलत... खौफनाक तरीके से कत्ल, लाल डायरी से खुलेगा करोड़पति दंपती के मर्डर का राज
कृष्ण कुमार ने करण सिंह पक्ष की 11 बीघा जमीन 42 लाख रुपये न चुका पाने पर अपने नाम करा ली थी। इसके बाद भी लाखों रुपये बकाया थे। यही दंपती की हत्या का कारण बन गया। रामपुर मनिहारान में यह भी चर्चा रही कि कृष्ण कुमार का क्षेत्र के कुछ सफेदपोश लोगों से लेकर आम के बाग के ठेकेदारों तक से लेन देन था। इसी लेनदेन के चक्कर में कई लोग उनसे रंजिश भी रखने लगे थे। यही रंजिश इस अंजाम तक जा पहुंची।
लाल डायरी से फाड़ दिए थे लेन देन के पन्ने
ब्याज पर मोटी रकम लेने वालों में शामिल रहे आरोपियों में करण सिंह ने कृष्ण कुमार की लाल डायरी में दर्ज लेन देन के वे पन्ने हटवा लिए थे, जिनसे उसके साथ की गई डील का खुलासा होने का डर था। एसएसपी दिनेश कुमार सहित टीम के सदस्यों ने बताया कि दंपती की हत्या के बाद भी हत्यारोपी रेकी करते रहे। करण सिंह तो दाह संस्कार तक में शामिल हुआ।
परिवार दावा करेगा तो आगे बढ़ेगी लाल डायरी की जांच
पुलिस का कहना था कि रामपुर मनिहारान क्षेत्र के ही कुछ लोगों ने जिस तरह लाल डायरी में लाखों के लेनदेन और ब्याज की स्थिति का जिक्र किया है, उससे डायरी की जांच को लेकर भी चर्चा जारी है। मगर अभी परिवार में बेटे या किसी अन्य की ओर से इस लेनदेन के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। परिवार की ओर से दावा किया गया, तो लाल डायरी की जांच आगे बढ़ेगी।
तीन बेटियां और एक बेटा
बेटा अंकुश नोएडा में इंजीनियरिंग की कोचिंग कर रहा है, जबकि भाई योगेंद्र कुमार कुछ माह पहले ही आस्ट्रेलिया गया था। कृष्ण कुमार की तीन बेटियां हैं, जिनकी शादियां हो चुकी हैं। कृष्ण कुमार के रिश्तेदार और आसपास के लोगों का कहना था कि वारदात के समय कृष्ण कुमार का बेटा घर पर नहीं था, अन्यथा उसकी जान को भी खतरा हो सकता था।