Exclusive: स्कूल नहीं खंडहर कहिए जनाब, हर वक्त जोखिम में 250 मासूमों की जान, तस्वीरें दे रहीं गवाही
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ये है स्कूल का हाल
| नामांकित छात्र | 250 |
| कमरे | 06 |
| जर्जर बंद कमरे | 03 |
| नियमित शिक्षक | 00 |
| शिक्षामित्र | 05 |
| शौचालय | 03 |
| हैंडपंप | 01 |
अधिकारियों को अवगत करा दिया गया
स्कूल की इंचार्ज शिक्षा मित्र सीमा ने बताया कि उनका भी यहां से तबादला हो गया है। उन्होंने यहां की समस्याओं के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत भी कराया है। निरीक्षण के दौरान खुद भी अधिकारी यहां आकर देखते हैं। उन्होंने भरोसा दिया है कि स्कूल की दशा सुधारने को बजट मंगाया जा रहा है। गौरतलब है कि यहां 5 शिक्षामित्र में दो के ट्रांसफर की प्रक्रिया चल रही हैं, 3 शौचालय है जो बंद है और विद्यायल परिसर में लगा हैंडपंप भी खराब है। खंड शिक्षा अधिकारी एसके गिरी के अनुसार स्कूल भवन खराब स्थिति में है। जर्जर और चार दीवारी विहीन स्कूलों के बारे में जानकारी जुटाई गई है। इस आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। शासन से बजट मांगा जाएगा।
क्लास रूम के फर्श में गहरे गड्ढे, खिड़की गिरी, टीचर हुई घायल
क्लास रूम का फर्श ईंटों के लिंटर का बना है। फर्श में गहरे गड्ढे हैं और जगह जगह से टूटा है, जिसकी मिट्टी बाहर निकल रही है। इन गड्ढों से छात्र परेशान हैं। बाहर बरामदे का फर्श तो इतना खराब है कि बच्चों को सिकुड़कर बैठना पड़ता है। स्कूल के क्लास रूम में खिड़कियां तो हैं लेकिन उनमें दरवाजे गायब हैं। केवल फ्रेम लगे हैं। सभी कमरों की यही हालत है। स्कूल स्टाफ ने बताया कि कार्यालय में खिड़की में लगा दरवाजा इतना क्षतिग्रस्त है कि चार दिन पहले दरवाजा टूटकर वहां बैठी शिक्षा मित्र के सिर पर गिरा जिससे वह भी घायल हो गई ।
शौचालय बंद, हैंडपंप हैं खराब
स्कूल में छात्र और छात्राओं के लिए 3 शौचालय बने हैं लेकिन तीनों जर्जर हैं। लिंटर और दरवाजे टूटे हैं। महीनों से ये ठप पडे़ हैं। स्कूल में लगा एक हैंडपंप भी खराब पड़ा है। छात्र-छात्राओं ने बताया कि उन्हें टायलेट के लिए भी बाहर अपने घर या पड़ोस में जाना पड़ता है। इसी तरह पानी पीने को भी छात्रों को बाहर ही जाना पड़ता है।