मेरठ में अवैध हथियार बनाने की एक बड़ी फैक्टरी का भंडाफोड़ करते हुए क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों अवैध हथियार बनाने से लेकर उनकी सप्लाई तक कई बड़े राज खोल हैं।
मुंगेर के कारीगर से सीखा हथियार बनाना, हापुड़ का राशिद करता है सप्लाई, नौ जिलों में फैला कारोबार
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हथियार बनाते रंगे हाथ पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में हापुड़ के डिबाई गांव निवासी राशिद का नाम बताया है। पूलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जिसने यह फैक्टरी बनवाई थी।
हथियार बनाने के पुर्जे उपलब्ध कराना और सप्लाई करने की जिम्मेदारी उसके पास थी। इस पूरे अवैध कारोबार का मुख्य आरोपी राशिद है।
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उसकी तलाश में पुलिस ने कई जगहों पर दबिश दी। पुलिस का कहना कि राशिद का गैंग मेरठ समेत कई जिलों में फैला है। अपराधियों को हथियार सप्लाई करने का ठेका भी इसी गैंग के पास है।
ये लोग शहर से ज्यादा देहात में अवैध हथियार सप्लाई करते हैं। आरोपियों ने बताया कि हथियार बनाने का काम मुंगेर का एक कारीगर सिखाकर गया था।
मकानमालिक तो केवल देखरेख कर रहे थे
मकान मालिक मसीउल्ला खान की पत्नी का कहना है कि दो दिन पहले राशिद आया था। उसने एक कमरे में हथियार बनवाने का काम शुरू किया था।
कारीगर हथियार बना रहे थे, मसीउल्ला तो खाली देखरेख कर रहे थे। राशिद से मसीउल्ला खान की मुलाकात उसके एक रिश्तेदार ने कराई थी। वह भी मौके से पकड़ा गया है।
बारीकी से हो रही जांच
हथियार सप्लायरों की बारीकी से जांच कराई जा रही है। पूर्व में एनआईए और एटीएस के रडार पर रहे संदिग्ध हथियार तस्करों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। इस मामले में कोई भी लापरवाही नहीं बरती जाएगी। आतंकी संगठनों से तस्करों के तार जुड़े होने के संबंध में भी जांच कराई जा रही है। -अजय साहनी, एसएसपी