मेरठ के हस्तिनापुर निवासी अतुल पंवार हत्याकांड में पुलिस ने उसकी पत्नी दामिनी और उसके प्रेमी तुषार समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया है।
अतुल हत्याकांड: पत्नी-प्रेमी समेत चार को जेल भेजा, सांप के डसने का रचा था नाटक, मोबाइल ने खोले राज
मेरठ के हस्तिनापुर में अतुल पंवार हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। पत्नी दामिनी और उसके प्रेमी तुषार पर 20 लाख रुपये के बीमे के लिए हत्या की साजिश रचने का आरोप है। पुलिस दोनों सपेरों समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कॉस्मेटिक की दुकान से शुरू हुई प्रेम कहानी, आठ साल बाद हत्या
पुलिस के अनुसार, अतुल और दामिनी की पहली मुलाकात वर्ष 2018 में हस्तिनापुर की एक कॉस्मेटिक की दुकान पर हुई थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध शुरू हुआ और करीब एक वर्ष बाद दोनों ने परिवार की सहमति से शादी कर ली। शादी के बाद दोनों सामान्य जीवन जी रहे थे। करीब तीन महीने पहले ही उन्होंने कृष्णा किड्स प्ले स्कूल भी शुरू किया था।
स्कूल शुरू होने के बाद तुषार वहां चालक की नौकरी करने आया। आरोप है कि इसी दौरान दामिनी और तुषार के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। पुलिस के अनुसार, इसके बाद दोनों ने अतुल को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
20 लाख के बीमे के लिए सांप से डसवाने की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि अतुल की हत्या को हादसा दिखाने के लिए सांप से डसवाने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए हस्तिनापुर निवासी सपेरे सोनू और उदय को साजिश में शामिल किया गया।
आरोप है कि दोनों सपेरों को 15 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे और अतुल के 20 लाख रुपये के बीमे की रकम में से पांच लाख रुपये देने का वादा किया गया था। पुलिस के अनुसार, अतुल को रास्ते से हटाने की पहले भी कई बार कोशिश की गई थी।
पत्नी ने रचा था मौत को सामान्य दिखाने का नाटक
पुलिस के अनुसार, दामिनी ने खुद पर शक न हो, इसके लिए पूरी घटना को सामान्य मौत दिखाने की कोशिश की। उसने बताया कि बृहस्पतिवार रात गर्मी अधिक होने के कारण वह अपने बेटे मानिक के साथ कमरे के बाहर सोने चली गई थी, जबकि अतुल कमरे के अंदर सो रहे थे।
दामिनी के अनुसार, शुक्रवार सुबह वह चाय लेकर कमरे में पहुंची तो अतुल अचेत अवस्था में मिले। शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंचे और अतुल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम को लेकर पत्नी ने जताई थी आपत्ति
एसएसपी के अनुसार, दामिनी ने पुलिस से अतुल का पोस्टमार्टम नहीं कराने का अनुरोध किया था, जबकि अतुल के पिता पोस्टमार्टम के लिए सहमत थे। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम होने के बाद दामिनी पर पुलिस का शक और गहरा गया।
परिजनों ने भी शुरुआत से ही घटना पर संदेह जताया था और दामिनी पर हत्या का आरोप लगाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ मवाना पंकज लवानिया और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।