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मेरठ हादसा: मासूम को आगोश में लिए आखिरी सांस तक माैत से लड़ती रही मलबे में दबी अलीशा, हार गई जिंदगी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: डिंपल सिरोही
Updated Mon, 16 Sep 2024 01:59 PM IST
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मेरठ हादसा
- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में तीन मंजिला मकान के मलबे से जिंदगी के लिए मौत से जंग के कई निशान मिले हैं। इनमें एक दृश्य झकझोरने वाला था। रविवार सुबह बचाव दल के मलबा हटाने के दौरान नईम की पत्नी अलीशा के आगोश में उनकी छह माह की मासूम बच्ची हिमशा उर्फ रिमशा लिपटी मिली।
यह दृश्य देखकर लोग यह कहते दिखे कि अलीशा ने मलबे में भी मासूम बच्ची को बचाने के लिए जिंदगी की जंग लड़ी है। मकान गिरते समय अलीशा ने बेटी को बचाने का प्रयास किया होगा, लेकिन हादसे में मां-बेटी की जान चली गई।
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Meerut Building Collapse
- फोटो : अमर उजाला
मकान के द्वितीय तल पर शनिवार शाम एक कमरे में साजिद, उसकी पत्नी सायमा, बेटी सानिया और रिजा व बेटा साकिब और रिश्तेदार का बेटा सूफियान थे। दूसरे कमरे में घर की मुखिया नफ्फो थी। प्रथम तल पर एक कमरे में अलीशा पुत्री हिमशा के साथ थी। जबकि दूसरे कमरे में नदीम की पत्नी फरहाना और उसके भाई की पुत्री आलिया थी। तभी अचानक तेज धमाके के साथ मकान गिरकर मलबे के ढेर में तब्दील हो गया।
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मदद में जुटे लोग
- फोटो : अमर उजाला
कुछ देर तक तो आसपास के लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। धूल छंटी तो मलबे का ढेर देख शोर मच गया। कुछ देर बाद पुलिस और दमकलकर्मी मौके पर पहुंच गए। नगर निगम की टीम को भी बुलाया गया।
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मदद में जुटे लोग
- फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद से एनडीआरएफ और सहारनपुर व अमरोहा से एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। आठ लोगों को मलबे के ढेर से निकाला गया। इनमें से छह की मौत हो चुकी थी।
हादसे के बाद माैके पर पहुंचे एससपी
- फोटो : अमर उजाला
सायमा और सूफियान अस्पताल में भर्ती हैं। रविवार सुबह फरहाना, आलिया, अलीशा और हिमशा के शव निकाले गए। तब भी मासूम हिमशा अपनी मां के आगोश में लिपटी थी। बचाव कार्य में जुटी टीम भी कुछ पल के लिए इस दृश्य को देखने पर विवश हुई।
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