मेरठ के हस्तिनापुर में PNB बैंक के मैनेजर की आठ माह की गर्भवती पत्नी और पांच साल के बेटे रूकांश की हत्या के बाद से मृतक महिला के परिजन सदमे में हैं। वहीं रूकांश के नाना का रो-रोकर बुरा हाल है और उनके आंसू थम नहीं रहे हैं। उन्होंने बीती 29 जुलाई को रूकांश के बर्थडे पर कई गिफ्ट भी दिए थे। वे बार-बार उस पल को याद करके खूब रो रहे हैं।
UP: नाना के नहीं थम रहे आंसू, रूकांश को बर्थडे पर दिए थे गिफ्ट, कातिल रिश्तेदार ने उगला ऐसा सच, अफसर भी हैरान
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पुलिस की पूछताछ में उगला वारदात का असली सच
कातिल रिश्तेदार हरीश मावी ने पुलिस की पूछताछ में वारदात का असली सच उगल दिया है। उसने पुलिस को बताया कि संदीप ने बैंक में नौकरी लगने के बाद अपने परिवार को धोखा दिया और उनसे अलग रहने लगा। उसने बताया कि मैनेजर बनने के बाद संदीप में घमंड आ गया था और परिवार के लोगों से मतलब नहीं रखता था। बताया कि संदीप ने अपने घर पर आने से भी मना कर दिया था। उसने बताया कि संदीप ने अपनी पत्नी शिखा से भी कहा था कि हरीश को कभी भी घर में नहीं आने देना। आरोपी ने बताया कि वह इस बात से खफा था।
संदीप की संपत्ति पर भी थी निगाह
बहनोई हरीश मावी को पता था कि संदीप के पास काफी संपत्ति है। उसे यह भी जानकारी थी कि संदीप के घर पर नगदी और काफी जेवरात है। इसी लालच में उसने संदीप की पत्नी और बेटे की हत्या की साजिश रची। साजिश रचने के बाद वह बीते सोमवार को संदीप के घर पहुंचा और गर्भवती पत्नी व बेटे की हत्या करने के बाद ढाई लाख की नगदी और करीब 15 लाख के जेवरात लूटकर फरार हो गया था।
शिखा की स्टूटी से हुआ था फरार
कातिल हरीश मावी डबल मर्डर की वारदात को अंजाम देने के बाद शिखा की स्कूटी से ही फरार हो हुआ था। वह स्कूटी पर जाते हुए शहर के करीब 38 सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है। उसके साथ एक और आरोपी था। बताया गया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ही पुलिस कातिल तक पहुंची है।
पत्नी और बेटे की हत्या से सदमे में पति, अकेला रह गया संदीप
पत्नी शिखा और बेटे रूकांश की हत्या के बाद संदीप कुमार सदमे में है। अब वह अपने परिवार में अकेला रह गया है। बताया गया कि संदीप ने काफी संघर्ष करने के बाद बैंक में मैनेजर का पद हासिल किया था। लंबे समय तक वह पीएनबी बैंक की मेरठ शाखा में क्लर्क के पद तैनात रहा था। मेरठ में ही उसकी मुलाकात शिखा से हुई थी। लव मैरिज के बाद शिखा के परिजनों ने दोनों की शादी करा दी थी। जिसके बाद से परिवार हंसी-खुशी जीवन व्यतीत कर रहा था।