मेरठ बैंक मैनेजर संदीप कुमार की पत्नी शिखा व उनकी दौलत पर बहनोई हरीश मावी की बुरी नीयत थी। संदीप ने शिखा से कहा था कि घर में हरीश का प्रवेश नहीं होना चाहिए। पुलिस के मुताबिक यह बात हरीश को नागवार गुजरी। उसने पहले भी दो बार शिखा और बेटे को जान से मारने की धमकी दी थी। हरीश इतना शातिर है कि हत्याकांड को अंजाम देकर अगले दिन ही हमदर्द बन संदीप के पास पहुंच गया और मां-बेटे के अंतिम संस्कार के समय वह रोया भी।
Murder: बैंक मैनेजर की पत्नी-बेटे की हत्या कर हमदर्द बनकर साथ घूमता रहा था मावी, अंतिम संस्कार में बहाए आंसू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस ने बताया कि संदीप का बहनोई हरीश नोएडा में टैक्सी चलाता है। बैंक मैनेजर बनने के बाद संदीप अपना दूसरा मकान खरीदकर पत्नी के साथ खुशी से रह रहे थे। हरीश शातिर अपराधी है और चोरी के मामले में जेल जा चुका है। तीन साल पहले संदीप के भाई दीपक की शादी में भी उनके घर से एक लाख रुपये चोरी हुए थे। इसका शक भी हरीश पर ही था।
संदीप हरीश की असलियत जानते थे। इसलिए उन्होंने पत्नी शिखा से कहा हुथा कि हरीश अच्छा आदमी नहीं है। उसका घर पर आना ठीक नहीं है। इसके बाद शिखा ने भी हरीश का प्रवेश बंद कर दिया। इस बात को लेकर हरीश ने नाराजगी जताई और शिखा को धमकी दी। वह बार बार कहता था कि तुम लोग बैंक मैनेजर बनने के बाद घमंड कर रहे हो। मैं तुम्हारा परिवार खत्म कर दूंगा।
शिखा ने यह बात संदीप को बताई थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि हरीश हत्या कर देगा। हत्या के बाद हरीश, संदीप के घर से सारा सामान समेट कर ले गया था। हरीश शिखा की स्कूटी से ही हस्तिनापुर से नोएडा पहुंचा। सीसीटीवी कैमरे में पुलिस ने जिन दो युवकों को मेरठ के साकेत तक देखा उनमें से एक हरीश ही था।
शिखा के पिता ने 23 जुलाई को बेची थी कोठी
मेरठ। मूल रूप से उन्नाव निवासी शिखा के पिता श्रीपाल ने मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित कोठी 23 जुलाई को बेची थी। कोठी बेचने के बाद एसी समेत कई सामान लेकर श्रीपाल अगले दिन बेटी के पास हस्तिनापुर गए थे। 29 जुलाई को शिखा के बेटे रूकांश का जन्मदिन था। श्रीपाल ने रूकांश को गिफ्ट दिए थे। हरीश को अंदाजा था कि संदीप के घर में काफी पैसा है। इसको लेकर हरीश ने हत्या के बाद लूटपाट का प्लान बनाया। हरीश एक तीर से दो निशाने साध रहा था, एक तो संदीप का परिवार बर्बाद हो जाएगा दूसरा पैसा भी मिलेगा।