गिरफ्तार: आखिर कौन है धर्मांतरण का आरोपी मौलाना कलीम सिद्दीकी, एटीएस की पूछताछ में खुले बड़े राज, विदेशों से जुड़े तार
कौन है मौलाना कलीम सिद्दीकी
मुजफ्फरनगर के खतौली क्षेत्र के फूलत निवासी मौलाना कलीम सिद्दीकी ग्लोबल पीस सेंटर का अध्यक्ष है और जमीयत-ए-वलीउल्लाह ट्रस्ट का भी अध्यक्ष है। जांच में खुलासा हुआ कि वह कई मदरसों को फंडिंग भी करता है जिसके लिए उसे विदेशों से भारी धनराशि हवाला के जरिए भेजी जाती है।
यूपीएटीएस के अनुसार, मुजफ्फरनगर निवासी मौलाना कलीम सिद्दीकी दिल्ली में रहता है और विभिन्न प्रकार की शैक्षणिक, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की आड़ में अवैध धर्मांतरण के कार्य को अंजाम देता है जिसके लिए विदेशों से फंडिंग की जाती है।
यूपीएटीएस के अनुसार मौलाना कलीम सिद्दीकी गैर मुस्लिमों को गुमराह और भयाक्रांत कर उन्हें धर्मांतरित करता है और फिर उन्हें भी इस कार्य में लगाता है। मंगलवार शाम सात बजे साथी अन्य मौलानाओं के साथ मेरठ के लिसाड़ीगेट में हूमायुंनगर की मस्जिद माशाउल्लाह के इमाम शारिक के आवास पर एक कार्यक्रम में आया था। यहां से लौटते हुए उसे एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया।
मौलाना मदरसों की आड़ में पैगामे इंसानियत के संदेश देने के बहाने लोगों को जन्नत और जहन्नुम जैसी बातों का लालच या भय दिखाकर इस्लाम स्वीकारने के लिए प्रेरित करता है और बाद में इन्हें प्रशिक्षित कर अन्य लोगों का धर्मांतरण कराने का कार्य करता है।
खतौली क्षेत्र के गांव फुलत में स्थित जामिया इमाम वालीउल्लाह इस्लामिया का वर्ष 1987 से संस्थापक और संचालक है। बताया गया कि मौलाना कलीम के मदरसे में वर्तमान में करीब 300 छात्र अरबी, उर्दू, कुरान व हिब्ज की पढ़ाई करते हैं। वर्तमान में मदरसे में पढ़ाई ऑनलाइन चल रही है।