मेरठ में मलियाना चौकी के पास पांच साल की बच्ची मानवी उर्फ किट्ठू के अपहरण के मामले में पुलिस का शक पिता धीरेंद्र सिंह पर भी है। क्राइम ब्रांच ऑफिस में ले जाकर धीरेंद्र से पूछताछ की गई। रात में 11 बजे बच्ची कैसे घर से बाहर आई, यह सवाल बार-बार पूछा जा रहा है।
बच्ची का अपहरण: लखनऊ तक गूंजा मामला, शक के घेरे में पिता, मां का कलेजा चीर रही लाडली की चिंता
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एसपी सिटी पीयूष सिंह के मुताबिक, सर्विलांस टीम ने बच्ची के पिता धीरेंद्र सिंह, उसकी पत्नी पुष्पा के मोबाइल की सीडीआर निकाली। सीसीटीवी कैमरे में बच्ची से एक युवक बात करता और फिर उसको गोद में उठाकर जाता दिखाई दे रहा है। इसी फुटेज को लेकर पुलिस टीम मुल्ताननगर से हाईवे तक पहुंच गई।
एसपी सिटी पीयूष सिंह ने बताया कि धीरेंद्र सिंह (जाट) ने 15 साल पहले दूसरे समुदाय की निशा खातून से शादी की थी। इसके बाद धीरेंद्र सिंह ने पुष्पा से शादी की थी और दोनों पूर्व जीवनसाथी छोड़कर मुल्ताननगर में किराए पर रह रहे थे। यह महिला अपने साथ बच्ची लेकर आई थी। पहली पत्नी को धीरेंद्र से एक बेटा और तीन बेटी हैं।
धीरेंद्र के पिता आदेश पाल ने बेटे को अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया और पोते के नाम संपत्ति कर दी। निशा को अपने गांव भूपगढ़ी जानी में छोड़कर धीरेंद्र आठ साल पहले ब्रह्मपुरी स्थित भगवतपुरा में आकर रहने लगा। यहां उसकी मुलाकात शादीशुदा पुष्पा (अनुसूचित जाति) से हुई थी। धीरेंद्र से शादी के बाद पुष्पा अपने एक बेटे को लेकर मुल्ताननगर रहने लगी थी। पुष्पा के पहले पति से बेटा दीपांशू नशे का आदी था, जो दो साल पहले नशा मुक्ति केंद्र से भाग गया था। उसकी गुमशुदगी भी टीपीनगर थाने में दर्ज है। वह भी अभी तक नहीं मिला है।
यह है घटनास्थल का हाल...
मुल्ताननगर स्थित टावर वाली गली में जहां धीरेंद्र का मकान है, उसके आसपास 7-8 मकान हैं। इसका रास्ता मलियाना पुलिस चौकी के बराबर से जाता है। वहां से एनएच-58 हाईवे से करीब एक किलोमीटर है। जो मकान बने हैं, वह भी दूर-दूर हैं। किराये का घर और धीरेंद्र का निर्माणाधीन घर की दूरी 300 मीटर के आसपास होगी। बच्ची अपने पिता के पास से उठकर रात 11 बजे निर्माणाधीन मकान में पहुंची थी। जहां से बच्ची अगवा हुई है।