बम-बम भोले के जयकारों से बाबा औघड़नाथ मंदिर ही नहीं बल्कि शहर के सभी शिवालय गूंज उठे। शिवालयों पर शिव भक्तों की भीड़ उमड़ी। सुबह से शाम तक मंदिरों में भक्तों की लाइनें लगी रहीं। शिव भक्त भोले शंकर के जयकारे लगाते हुए बिना थके आगे बढ़ रहे थे। आगे देखें आखिर कैसे शंकर भगवान को मनाने के लिए शिवालय पहुंचे श्रद्धालु : -
महाशिवरात्रि पर बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठे शिवालय, शंकर के जलाभिषेक को उमड़ा सैलाब
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शिवालयों में जलाभिषेक करके भक्तों ने भगवान आशुतोष को मनाया। भगवान शंकर को जहां जल और दूध से नहलाया गया वहीं बेलपात्र, चंदन, धतूरा, शहद, बेर और अन्य फल चढ़ाए गए। भगवान का रुद्राभिषेक भी हुआ।
महाशिवरात्रि पर बाबा औघड़नाथ मंदिर के मुख्य पुजारी श्रीधर त्रिपाठी ने सुबह चार बजे आरती के बाद मंदिर के कपाट शिवभक्तों के लिए खोल दिए गए। मंदिर खुलने से पहले ही बाहर शिव भक्तों की लाइनें लगी थीं। सभी हाथों में जल और दूध से भरा लोटा, प्रसाद लिए प्रभु का गुणगान करते चल रहे थे।
भक्तों को जलाभिषेक के लिए गुरुड़द्वार से प्रवेश दिया गया। मंदिर समिति के सभी सदस्य और पुलिस ने मंदिर परिसर में व्यवस्था संभाली। पं. श्रीधर त्रिपाठी ने बताया कि महाशिवरात्रि पर कांवड़ियों की संख्या तो कम ही रहती है, लेकिन फिर भी सुबह से शाम तक एक लाख से अधिक शिव भक्तों ने मंदिर में जलाभिषेक किया है।
बाबा औघड़नाथ मंदिर के अलावा सदर स्थित बिल्लवेश्वर नाथ मंदिर, दिल्ली रोड स्थित नागेश्वरनाथ मंदिर, नगर निगम परिसर स्थित झाड़खंडी मंदिर, शिव चोक मंदिर, बाबा मनोहरनाथ मंदिर, सनातन धर्म धर्मेश्वर महादेव मंदिर, बागपत चौक पर शिव मंदिर सहित शहर के सभी मंदिरों में शिव भक्तों ने जलाभिषेक किया। साथ ही शहर में जगह जगह भंडारों का आयोजन किया गया।