शहर की पंजाबी कालोनी में अंतरराष्ट्रीय भजन गायक, पत्नी और बेटी की अर्थी एक साथ उठी तो पूरा शहर रो पड़ा। परिजनों में कोहराम मच गया। लोगों की आंखें नम हो गई। घर से तीनों शव की यात्रा में भीड़ उमड़ पड़ी। अर्थी को कंधा देने के लिए लोग उमड़ते रहे।
मर्डर: जहां लावारिस शवों का कराते थे अंतिम संस्कार, पत्नी व बेटी सहित वहीं जली भजन गायक की चिता
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इसके लिए उन्होंने अंतिम यात्रा सेवा ट्रस्ट बनाया था। इस ट्रस्ट से जुड़े अन्य समाजसेवी लोगों की मदद से धीमानपुरा फाटक के पास स्थित श्मशान घाट में लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कराते थे। बुधवार को उसी श्मशान घाट में अजय पाठक, उनकी पत्नी और बेटी का अंतिम संस्कार हुआ।
मेरे भाई की तो निशानी भी नहीं छोड़ी
अजय पाठक के बड़े भाई कपिल पाठक का रो-रोकर बुरा हाल है। भाई के पूरे परिवार की हत्या होने से उनकी आंखों से आंसू नहीं थमे। कपिल रोते हुए बार-बार यही कहते रहे कि मेरे भाई को मार डाला, भाई की निशानी भी नहीं छोड़ी जालिम ने, सबको मार दिया।मेरे बच्चे का क्या कसूर था। उसे तो छोड़ देते। पूरे परिवार को खत्म कर दिया। इस तरह के शब्दों को वे बार-बार दोहराते हुए रोते रहे। लोग उन्हें ढांढस बंधाने और संभालते रहे।
रेडक्रास सोसायटी के चेयरमैन थे अजय
भजन गायक के साथ समाजसेवा में भी बढ़ चढ़कर भाग लेने वाले अजय पाठक रेडक्रास सोसायटी के चेयरमैन थे।
श्मशान घाट में पहुंचे सीएमओ डॉ. संजय भटनागर ने बताया कि करीब दो माह पहले ही जिले में रेडक्रास सोसायटी के चेयरमैन बने थे। सीएमओ के साथ सोसायटी के सचिव एसीएमओ केपी सिंह और वाइस चेयरमैन कुशांक चौहान आदि भी मौजूद रहे।