शामली के शहर की पंजाबी कालोनी में पाठक परिवार के चार सदस्यों की हत्या करने के बाद आरोपी हिमांशु का इरादा शवों को ठिकाने लगाने का था। क्योंकि वह हत्या का हर सबूत मिटाना चाहता था, लेकिन कार में आग लगाते ही भेद खुलने पर वह फंस गया।
शामली मर्डर: हत्या के बाद चारों शवों को ठिकाने लगाना चाहता था आरोपी, इस वजह से फेल हुआ प्लान
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पंजाबी कालोनी में पाठक परिवार के चार सदस्यों की हत्या करने के आरोपी हिमांशु से पुलिस ने हर पहलू पर पूछताछ की। एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि हत्या के बाद आरोपी हिमांशु चारों शव को ठिकाने लगाना चाहता था।
हत्या के बाद वह सबसे पहले भजन गायक की बेटी वसुंधरा के शव को घसीटते हुए नीचे लाया और फिर लेकिन इसी बीच सुबह हो गई थी और उसके पास समय कम था। उसने दूसरा प्लान बनाया, शव को ऊपर ले गया और कमरे में ही डाल दिया।
इसके बाद आरोपी ने अजय के 10 वर्षीय बेटे भागवत के शव को कार में डाला और ले गया था। उसका प्लान था कि भागवत के शव को नष्ट कर वह रात में वह फिर से आकर तीनों शव ले जाएगा और किसी को उस पर शक नहीं होगा, लेकिन तब तक हत्यारोपी हिमांशु के परिजनों को पूरा मामला पता चल चुका था।
परिजनों ने हिमांशु को कॉल भी की थीं, क्योंकि सोमवार रात में वह घर में ही रुका था और सुबह गायब था। इसलिए अजय के परिजन पहले ही उस पर शक जता चुके थे।
परिजनों के शक के आधार पर हिमांशु का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाया जा चुका था और उसकी लोकेशन पता चल रही थी। पानीपत टोल प्लाजा पर गाड़ी ले जाते हुए उसे ट्रेस किया गया।
वह भांप चुका था कि अब पुलिस पीछे लग गई है। इसलिए उसने जल्दी से पानीपत के एक पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदा और एक सुनसान जगह कार खड़ी कर पेट्रोल डालकर उसे नन्हें भागवत के शव समेत जला दिया।
वह चाहता था कि गाड़ी और उसकी डिग्गी में मौजूद भागवत दोनों जलकर राख हो जाएंगे और सबूत भी नहीं रहेगा लेकिन शामली पुलिस उसकी लोकेशन लगातार पानीपत पुलिस को दे रही थी।
इसी आधार पर पानीपत पुलिस ने हिमांशु को गाड़ी में आग लगाते ही दबोच लिया और कुछ देर में शामली पुलिस भी वहां पहुंच गई। गाड़ी की आग बुझाकर उसकी डिग्गी से भागवत के शव को बरामद किया गया।