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तमन्ना ने तोड़ दी मजहब की बेड़ियां: हरिद्वार से गंगा जल लाकर महाशिवरात्रि पर किया जलाभिषेक, बताई पूजा की वजह

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विकास कुमार Updated Sun, 15 Feb 2026 10:25 PM IST
सार

मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए तमन्ना ने बताया कि हम दोनों (पति-पत्नी) के बीच एक-दूसरे का धर्म बदलने का कोई दबाव नहीं था। इसीलिए न नाम बदला, न धर्म। मूल धर्म के कारण बुर्का धारण किया तो शिव भक्ति की मंशा पूरी करने के लिए कांवड़। बताया कि इस सफर में पति अमन त्यागी भी साथ रहे। 

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After wish of love marriage fulfilled Muslim woman brought Kanwar from Haridwar and Jalabhishek to shiva
पति के साथ जलाभिषेक करती तमन्ना - फोटो : अमर उजाला

यूपी के संभल स्थित असमोली थाना क्षेत्र के बदनपुर बसेई की तमन्ना मलिक औरों से अलग हैं। बढ़ते कट्टरपन से दूर रहकर न सिर्फ अपने ही गांव के अमन त्यागी से मोहब्बत की बल्कि शादी का ख्वाब पूरा करने के लिए हरिद्वार से कांवड़ में गंगाजल लाकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने की मनौती तक मांग ली। 

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After wish of love marriage fulfilled Muslim woman brought Kanwar from Haridwar and Jalabhishek to shiva
पति अमन त्यागी के साथ तमन्ना - फोटो : अमर उजाला

हरिद्वार से पैदल संभल आई तमन्ना
अमन और तमन्ना प्रेम विवाह करने में कामयाब हो गए। तीन साल का वैवाहिक जीवन सफल होने पर तमन्ना ने न सिर्फ बुर्का पहने-पहने हरिद्वार से संभल तक का पैदल सफर पूरा किया, बल्कि कांधे पर कांवड़ धारण किए रहीं। जयकारे लगाते कांवड़ियों के जत्थों के साथ शनिवार रात संभल पहुंचीं तमन्ना की सुरक्षा के लिए पुलिस सक्रिय हो गई। रविवार सुबह महाशिवरात्रि पर तमन्ना ने हरिद्वार के गंगाजल से भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।

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पति के साथ कांवड़ लाती तमन्ना - फोटो : अमर उजाला

बताया क्यों नहीं बदला धर्म और नाम
संभल में मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए तमन्ना ने बताया कि हम दोनों (पति-पत्नी) के बीच एक-दूसरे का धर्म बदलने का कोई दबाव नहीं था। इसीलिए न नाम बदला, न धर्म। मूल धर्म के कारण बुर्का धारण किया तो शिव भक्ति की मंशा पूरी करने के लिए कांवड़। बताया कि इस सफर में पति अमन त्यागी भी साथ रहे। बुर्के में कांवड़ का सफर पूरा करके यह संदेश देने की कोशिश भी की है कि पूजा हो या इबादत, दोनों का मकसद एक है।

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बुर्के में कांवड़ ला रही तमन्ना, साथ में पति। - फोटो : अमर उजाला

इस वजह से तीन साल बाद पूरी की मंशा
शनिवार रात अपने गांव पहुंचकर वह अन्य कांवड़ियों के जत्थे के साथ ही ठहरीं। रविवार को संभल के क्षेमनाथ तीर्थ पर जलाभिषेक किया। तमन्ना ने यह भी बताया कि विवाह बाद जन्मे दो बेटों की परवरिश पर ध्यान देने से मनौती के अनुसार कांवड़ लाने की मंशा शादी के तीन साल बाद पूरी कर सकी हैं। पति के साथ 10 फरवरी को हरिद्वार रवाना हुई थीं। गांव पहुंचने पर तमाम लोगों ने फूल बरसाकर तमन्ना का स्वागत भी किया।

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