फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

शामली में था खौफ: कैराना पलायन मुद्दे का सूत्रधार था कुख्यात मुकीम काला, पढ़िए कब-कब हुईं वारदात

Fri, 14 May 2021 04:13 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली Published by: कपिल kapil Updated Fri, 14 May 2021 04:13 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश के शामली में रंगदारी, डकैती और व्यापारियों की हत्या के बाद 2015 में कैराना से व्यापारियों का पलायन हुआ था जिसका मुख्य सूत्रधार मुकीम काला था।

विज्ञापन
Chitrakoot Encounter: Criminal Mukeem Kala was the source of the Kairana migration issue in Shamli
खंडहर पड़ा मुकीम काला का घर। - फोटो : amar ujala

उत्तर प्रदेश के शामली में रंगदारी, डकैती और व्यापारियों की हत्या के बाद 2015 में कैराना से व्यापारियों का पलायन हुआ था जिसका मुख्य सूत्रधार मुकीम काला था। दिसंबर 2013 में कुख्यात मुकीम काला ने अपने तीन साथियों के साथ कस्बे के चार व्यापारियों मूला पंसारी, बिल्लू पेप्सी वाला, आयरन स्टोर के मालिक राजू शंकर और अंकुर सिनेमा वालों के पास जाकर रंगदारी की मांग की थी। 



इसके बाद चारों व्यापारियों को पुलिस सुरक्षा दे दी गई थी। 14 अगस्त 2014 में रंगदारी नहीं देने पर फुरकान गिरोह ने व्यापार मंडल के कोषाध्यक्ष विनोद सिंघल की हत्या कर दी थी। इसके ठीक आठ दिन बाद 24 अगस्त 2014 को मुकीम काला ने अपने गिरोह के साथ दिनदहाड़े सीओ ऑफिस के सामने आयरन स्टोर के मालिक ममरे भाई राजू और शंकर की ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हत्या कर दी थी।

Chitrakoot Encounter: Criminal Mukeem Kala was the source of the Kairana migration issue in Shamli
मुकीम काला - फोटो : amar ujala

इसके बाद जिला शामली में भय का माहौल हो गया और शहर करीब 15 दिन तक बंद रहा। 

Chitrakoot Encounter: Criminal Mukeem Kala was the source of the Kairana migration issue in Shamli
खंडहर पड़ा मुकीम काला का घर। - फोटो : amar ujala

एक महीने में रंगदारी के कारण तीन व्यापारियों की हत्या के बाद कैराना क्षेत्र में रंगदारी मांगने की बाढ़ सी आ गई। इसके बाद कैराना में हर तरफ दहशत और भय का माहौल बन गया और व्यापारी यहां से अपना कारोबार समेट कर दूसरे प्रदेशों में जाने लगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Chitrakoot Encounter: Criminal Mukeem Kala was the source of the Kairana migration issue in Shamli
खंडहर पड़ा मुकीम काला का घर। - फोटो : amar ujala

कैराना से भाजपा सांसद स्वर्गीय बाबू हुकुम सिंह द्वारा मई 2015 में व्यापारियों की पलायन की सूची जारी करने से देश में भूचाल आ गया था। मुकीम काला के नाम से कुछ अन्य बदमाशों ने भी रंगदारी की मांग करनी शुरू कर दी, जिसके बाद क्षेत्र में चारों ओर डर और भय का माहौल बन गया था। 

विज्ञापन
Chitrakoot Encounter: Criminal Mukeem Kala was the source of the Kairana migration issue in Shamli
मुकीम काला और चित्रकूट जेल का फाइल फोटो - फोटो : amar ujala

वहीं 2016 में प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद मुकीम गिरोह की कमर टूटनी शुरू हो गई और मुकीम सहित सभी बदमाश जेलों में चले गए। मुकीम का राइट हैंड साबिर जिंदड़ी मैनपुरी जेल से फरार हो गया था, जिसे दो जनवरी 2018 में पुलिस ने उसके घर पर ही हुई मुठभेड़ में मार गिरा था। इस मुठभेड़ में पुलिस ने अपना एक जांबाज सिपाही अंकित तोमर भी खो दिया था।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed