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Gyanvapi Exclusive Photos: सामने आईं व्यासजी के तहखाने की एक्सक्लूसिव तस्वीरें, देखें अंदर क्या-क्या मिला?
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 01 Feb 2024 02:31 PM IST
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व्यासजी के तहखाने में एएसआई सर्वे के दौरान ली गई फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
ज्ञानवापी परिसर में व्यासजी के तहखाने में अदालत ने 30 साल बाद पूजा-पाठ की इजाजत दी। आदेश पर अमल करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने कड़ी सुरक्षा में तहखाने में देर रात से ही पूजा-अर्चना शुरू करा दी। गुरुवार तड़के मंगला आरती भी हुई।
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व्यासजी के तहखाने में एएसआई सर्वे के दौरान ली गई फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले, बुधवार को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने अपने आदेश में कहा कि व्यासजी के तहखाने में स्थित मूर्तियों की पूजा राग-भोग व्यास परिवार और काशी विश्वनाथ ट्रस्ट बोर्ड के पुजारी से कराएं। जिला जज ने अपने ऑर्डर में लिखा है कि रिसीवर जिला मजिस्ट्रेट को यह निर्देश दिया जाता है कि वह चौक थाना क्षेत्र के सेटलमेंट प्लाट नंबर-9130 में स्थित भवन के दक्षिण के तरफ स्थित तहखाने में स्थित मूर्तियों की पूजा राग-भोग पुजारी से कराएं।
(व्यासजी के तहखाने का गुंबद)
(व्यासजी के तहखाने का गुंबद)
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व्यासजी के तहखाने में एएसआई सर्वे के दौरान ली गई फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
इसके साथ ही अदालत ने कहा कि इस संबंध में रिसीवर सात दिन के भीतर लोहे की बाड़ का उचित प्रबंध कराएं। अदालत ने मुकदमे की सुनवाई की अगली तिथि 8 फरवरी दी है। इस बीच वादी और प्रतिवादी पक्ष अपनी आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते हैं।
(व्यासजी के तहखाने का पीलर, जिस पर घंटी व मंदिर के संकेत उभरे हैं)
(व्यासजी के तहखाने का पीलर, जिस पर घंटी व मंदिर के संकेत उभरे हैं)
व्यासजी के तहखाने में एएसआई सर्वे के दौरान ली गई फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
कहा जाता है व्यास परिवार का हुआ करता था ज्ञानवापी परिसर
आपको बता दें कि ज्ञानवापी परिसर व्यास परिवार का हुआ करता था, ऐसा काशी में कहा जाता है। शहर के पुरनियों के अनुसार पं. बैजनाथ व्यास एक तहखाने के साथ ही ज्ञानवापी हाता और आवास पर काबिज हुआ करते थे। श्री काशी विश्वनाथ धाम के सुंदरीकरण की परियोजना शुरू हुई तो मंदिर प्रशासन को व्यास आवास खरीदने की जरूरत पड़ी।
(व्यासजी के तहखाने में स्थित पीलर पर बना मंदिर का प्रतीक चिह्न)
आपको बता दें कि ज्ञानवापी परिसर व्यास परिवार का हुआ करता था, ऐसा काशी में कहा जाता है। शहर के पुरनियों के अनुसार पं. बैजनाथ व्यास एक तहखाने के साथ ही ज्ञानवापी हाता और आवास पर काबिज हुआ करते थे। श्री काशी विश्वनाथ धाम के सुंदरीकरण की परियोजना शुरू हुई तो मंदिर प्रशासन को व्यास आवास खरीदने की जरूरत पड़ी।
(व्यासजी के तहखाने में स्थित पीलर पर बना मंदिर का प्रतीक चिह्न)
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व्यासजी के तहखाने में एएसआई सर्वे के दौरान ली गई फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
पं. सोमनाथ व्यास और एक अन्य भाई के उत्तराधिकारी ने अपना हिस्सा बेच दिया, लेकिन आवास का अस्तित्व रहने तक पं. केदारनाथ व्यास वहीं रहे। भवन का कुछ हिस्सा गिरने पर प्रशासन ने नगर निगम, वीडीए और लोक निर्माण विभाग से सत्यापन कराया।
(व्यासजी के तहखाने का वह हिस्सा, जहां पूजा की गई पूजा)
(व्यासजी के तहखाने का वह हिस्सा, जहां पूजा की गई पूजा)