प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 मई को लोकसभा चुनाव में मिली जीत के बाद पहली बार काशी आए। यहां उन्होंने सबसे पहले बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और फिर उसके बाद टीएफजी में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कई ऐसी बातें कहीं जहां उन्होंने काशीवासियों का दिल जीत लिया। स्लाइड्स में जानें ऐसी कौन सी हैं वो बातें...
सब बंधु भगिनी लोगन के प्रणाम बा :
पीएम मोदी ने भाषण की शुरुआत हर-हर महादेव के जयघोष से की और फिर भोजपुरी से अपनापन दिखाया। बोले, सब बंधु भगिनी लोगन के प्रणाम बा। कार्यकर्ताओं से कहा, 25 अप्रैल को आन, बान और शान के साथ काशी को पूरे विश्व ने देखा। काशी के मार्ग पर यहां का मिजाज प्रकट हो रहा था।
पीएम ने कहा कि देश के लिए भले ही मैं प्रधानमंत्री हूं लेकिन आपके लिए मैं सांसद और सेवक हूं। काशी के हर कार्यकर्ता और समर्थन का आभारी हूं, जिन्होंने चुनाव को जय-पराजय के तराजू से नहीं तौला। बोले, नामांकन तो नरेंद्र मोदी ने किया था लेकिन चुनाव हर घर और हर गली के नरेंद्र मोदी ने लड़ा है। शायद ही कोई उम्मीदवार इतना निश्चिंत होता जितना मैं था। यह सब आपके विश्वास का नतीजा है।
कार्यकर्ता का संतोष हमारा जीवन मंत्र :
पीएम मोदी के भाषण के दौरान सभागार में कुछ लोगों ने कागज लहराए। इस पर उन्होंने कागज लेने को कहा, तब लोग शांत हुए। कागज लेने के बाद पीएम ने पूछा संतोष हो गया, तो सभागार में तालियां गूंजने लगी। फिर पीएम बोले- कार्यकर्ता का संतोष ही हमारा जीवन मंत्र है।
पान की पीक और और भारत माता की जय... एक साथ ठीक नहीं :
पीएम मोदी ने कहा कि अपना स्कूटर 20 साल पुराना हो और कलर उड़ गया हो। तो भी उसे चमका कर बाहर निकलते हैं। मगर सरकारी बस में अकेले बैठे हों तो सीट में उंगली डालते हैं। सीट में 2-3 इंच का गड्ढा नहीं हो जाता चैन नहीं आता। पीएम मोदी ने कहा कि पहले भारत माता की जय बोले और फिर बनारसी पान खाकर जमीन पर पीक मार दी। यह कौन सी भारत माता की जय है भाई। उस मां गंदा करें, जिनका हम जयकारा लगाते हैं, यह तो सही नहीं है। इस सोच को बदलने की जरूरत है।