गंगा अपने कदम बढ़ाते हुए वाराणसी में खतरे के निशान के ऊपर पहुंच चुकी है। सोमवार सुबह जलस्तर 71.36 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ज्यादा है। अलर्ट की स्थिति में अधिकारी चप्पे-चप्पे की निगरानी कर रहे हैं। एनडीआरएफ की कई टीमों को तैनात किया गया है। उत्तर से लेकर दक्षिण बनारस तक 12 हजार से ज्यादा घर बाढ़ के कारण प्रभावित हैं। वरुणा क्षेत्र में बड़ी संख्या में पलायन हुआ है जबकि सामने घाट इलाके में जलभराव की समस्या गहरा गई है।
रुद्र की नगरी में गंगा का रौद्र रूप: बनारस में 12 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित, शहरी कॉलोनियों में घुसने लगा पानी
आयोग के बुलेटिन के अनुसार, यही रफ्तार रही तो सोमवार की सुबह तक गंगा खतरे का निशान पार कर जाएंगी। केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार, सोमवार की सुबह गंगा का जलस्तर 71.22 मीटर होने की आशंका है। जलस्तर बढ़ने से गंगा का पानी अब सड़कों पर पहुंच गया है।
जल पुलिस ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गंगा में निगरानी बढ़ा दी गई है। दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट, मणिकर्णिका घाट की गलियों में नाव चल रही है। अस्सी चौराहे पर ही भेलूपुर पुलिस के तरफ से बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया गया है। साथ ही नगवां के तरफ से आने वाले रास्ते पर भी पुलिस की तरफ से बैरिकेडिंग कर दी गई है।
कॉलोनियों में बढ़ गई दुश्वारियां, डूबी फसल
गंगा में बढ़ते जलस्तर से सामनेघाट की कॉलोनियों के लोगों की सांसें अटकी हुई हैं। रविवार शाम तक मदरवा, मारुति नगर में पानी घुसने से सैकड़ों लोग प्रभावित हो चुके हैं। गलियों में घुटने से ऊपर पानी भरने से लोगों को घरों से निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। नगवां नाले में भी पानी तेज गति से बढ़ने लगा है। यहां रहने वाले लोग परिवार को गांव या रिश्तेदारों के घर भेज रहे हैं। लोगों ने बाढ़ आने की दशा में पुलिस कर्मियों या एनडीआरएफ के जवानों से गश्त कराने की मांग की है। पानी बढ़ने से रमना गांव में सैकड़ों बीघा से अधिक सब्जी की सफल डूब गई है।
शाम सात बजे 71.14 मीटर
गंगा की रफ्तार-दो सेंटीमीटर प्रति घंटा
सुबह आठ बजे - 70.96 मीटर
सोमवार का पूर्वानुमान- 71.22 मीटर
खतरे का निशान-71.26 मीटर
चेतावनी बिंदु-70.26 मीटर