फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Jalandhar News ›   Massive turnout at Nurmahal Ashram on Guru Purnima in Jalandhar over five lakh devotees sought blessings

Jalandhar: गुरु पूर्णिमा पर नूरमहल आश्रम में उमड़ा सैलाब, पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद

Thu, 30 Jul 2026 02:32 PM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर Published by: Nivedita Updated Thu, 30 Jul 2026 02:32 PM IST
सार

साध्वी वैष्णवी भारती ने अपने प्रवचनों में कहा कि गुरु पूर्णिमा आत्ममंथन का पर्व है, जो प्रत्येक शिष्य को यह परखने का अवसर देता है कि वह बीते वर्ष में गुरु की आज्ञा और शिक्षाओं पर कितना खरा उतरा है।

विज्ञापन
Massive turnout at Nurmahal Ashram on Guru Purnima in Jalandhar over five lakh devotees sought blessings
नूरमहल में उमड़ा आस्था का सैलाब - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के नूरमहल आश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। युगद्रष्टा, ब्रह्मज्ञान प्रदाता एवं मानवता के आध्यात्मिक पथ-प्रदर्शक सर्वश्री आशुतोष महाराज जी की पावन प्रेरणा एवं दिव्य मार्गदर्शन में आयोजित इस महोत्सव में देश-विदेश से पहुंचे पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
विज्ञापन


कार्यक्रम का शुभारंभ आशुतोष महाराज के ब्रह्मज्ञानी शिष्य-शिष्याओं द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण से हुआ, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया। साध्वी तपस्विनी भारती ने मंच संचालन करते हुए श्रद्धालुओं का स्वागत किया। इस अवसर पर विश्व शांति, सामाजिक सद्भाव और समस्त मानवता के कल्याण के लिए विशेष प्रार्थना भी की गई।
विज्ञापन


इसके बाद आशुतोष महाराज की दिव्य आरती एवं विधिवत पूजन संपन्न हुआ। दीपों की पावन ज्योति, पुष्पों की सुगंध और भक्तिमय संगीत के बीच श्रद्धालुओं ने गुरु-भक्ति का अद्भुत अनुभव किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


साध्वी वैष्णवी भारती ने अपने प्रवचनों में कहा कि गुरु पूर्णिमा आत्ममंथन का पर्व है, जो प्रत्येक शिष्य को यह परखने का अवसर देता है कि वह बीते वर्ष में गुरु की आज्ञा और शिक्षाओं पर कितना खरा उतरा है। उन्होंने कहा कि सच्ची गुरु-भक्ति केवल बाहरी अनुष्ठानों तक सीमित नहीं होती, बल्कि गुरु के सिद्धांतों को जीवन में उतारने से सिद्ध होती है।

स्वामी मोहनपुरी ने कहा कि गुरु के वचनों को जीवन में अपनाकर सत्य के मार्ग पर अडिग रहना ही वास्तविक गुरु-पूजा है। वहीं साध्वी मानस्विनी भारती जी ने वर्तमान समय की वैश्विक चुनौतियों, युद्ध, सामाजिक मूल्यों में गिरावट और प्राकृतिक असंतुलन का उल्लेख करते हुए कहा कि आत्मिक रूप से जागृत व्यक्ति गुरु के मार्गदर्शन और साधना के बल पर हर परिस्थिति का सामना कर सकता है।

स्वामी सज्जनानंद ने नूरमहल आश्रम की आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं से सत्संग, आश्रम और गुरु-कार्य से निरंतर जुड़े रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत पंजाबी भजन “सब ने भंगड़ा पाउणा” ने श्रद्धालुओं को भक्ति और आनंद के रंग में सराबोर कर दिया।


गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, आध्यात्मिक जागृति और मानव कल्याण के संदेश के साथ संपन्न हुआ, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं ने गुरु के प्रति अपनी आस्था और समर्पण व्यक्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed