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Mohali News: बजट के विरोध में मोहाली में कर्मचारियों-पेंशनरों की राज्य स्तरीय रोष रैली
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मोहाली। पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन मोहाली की सड़कों पर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों ने प्रदर्शन किया। स्थानीय फेज-6 स्थित गुरुद्वारा साहिब के सामने वाले मैदान में पंजाब के कोने-कोने से आए सैकड़ों कर्मचारियों ने राज्य स्तरीय रैली में शिरकत की।
पंजाब मुलाजिम और पेंशनर साझा फ्रंट के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में बिजली बोर्ड, पीआरटीसी, पंजाब रोडवेज के अलावा बड़ी संख्या में आशा वर्कर्स, मिड-डे मील और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
रैली में शामिल प्रदर्शनकारियों ने लाल झंडे थामकर पंजाब सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रैली के बाद प्रदर्शनकारियों ने पंजाब विधानसभा की ओर कूच करते हुए एक बड़ा रोष मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का मुख्य गुस्सा वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा 8 मार्च को पेश किए गए बजट को लेकर था, जिसे उन्होंने कर्मचारियों के साथ धोखा और अंगूठा दिखाना करार दिया।
नेताओं की चेतावनी और आगामी रणनीति
एटक (एआईटीयूसी) के प्रांतीय महासचिव कामरेड निर्मल सिंह धालीवाल और अन्य वक्ताओं ने मंच से चेतावनी दी कि भगवंत मान सरकार आने वाले समय में तीखे संघर्षों के लिए तैयार रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि 13 मार्च (शुक्रवार) को चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें अगले बड़े आंदोलन का फैसला लिया जाएगा। सरकार का यह रवैया 2027 के विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी को बहुत महंगा पड़ेगा।
प्रमुख मांगें
रैली के दौरान 16% की दर से डीए (डीए) की बकाया पांच किस्तें देने, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, सातवें वेतन आयोग का गठन और कच्चे व आउटसोर्स कर्मचारियों को तुरंत पक्का करने की मांग दोहराई गई। इस मौके पर कामरेड एमएल सहगल, दर्शन सिंह लुबाणा, गुरदीप सिंह मोती, रंजीत सिंह राणवां और जगदीश सिंह चाहल सहित दर्जनों कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया।
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रैली में शामिल प्रदर्शनकारियों ने लाल झंडे थामकर पंजाब सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रैली के बाद प्रदर्शनकारियों ने पंजाब विधानसभा की ओर कूच करते हुए एक बड़ा रोष मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का मुख्य गुस्सा वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा 8 मार्च को पेश किए गए बजट को लेकर था, जिसे उन्होंने कर्मचारियों के साथ धोखा और अंगूठा दिखाना करार दिया।
नेताओं की चेतावनी और आगामी रणनीति
एटक (एआईटीयूसी) के प्रांतीय महासचिव कामरेड निर्मल सिंह धालीवाल और अन्य वक्ताओं ने मंच से चेतावनी दी कि भगवंत मान सरकार आने वाले समय में तीखे संघर्षों के लिए तैयार रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि 13 मार्च (शुक्रवार) को चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें अगले बड़े आंदोलन का फैसला लिया जाएगा। सरकार का यह रवैया 2027 के विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी को बहुत महंगा पड़ेगा।
प्रमुख मांगें
रैली के दौरान 16% की दर से डीए (डीए) की बकाया पांच किस्तें देने, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, सातवें वेतन आयोग का गठन और कच्चे व आउटसोर्स कर्मचारियों को तुरंत पक्का करने की मांग दोहराई गई। इस मौके पर कामरेड एमएल सहगल, दर्शन सिंह लुबाणा, गुरदीप सिंह मोती, रंजीत सिंह राणवां और जगदीश सिंह चाहल सहित दर्जनों कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया।