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RPSC हिंदी प्राध्यापक भर्ती: फर्जी डिग्री रैकेट में एक और गिरफ्तारी, SOG ने सहयोगी आरोपी को रिमांड पर लिया
Fri, 17 Jul 2026 07:12 AM IST
Sourabh Bhatt
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Sourabh Bhatt
Updated Fri, 17 Jul 2026 07:12 AM IST
सार
RPSC प्राध्यापक (हिंदी) भर्ती-2022 फर्जी डिग्री मामले में SOG ने एक और आरोपी अशोक विश्नोई को गिरफ्तार किया। मामले में अब तक 15 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जांच जारी है।
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RPSC Recruitment Scam
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की प्राध्यापक (हिंदी) स्कूल शिक्षा प्रतियोगी परीक्षा-2022 में फर्जी डिग्री के जरिए नियुक्ति दिलाने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी ने इस मामले में सहयोगी आरोपी अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थी ब्रह्मा कुमारी ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार (चित्तौड़गढ़) से जारी एमए (हिंदी) की डिग्री प्रस्तुत की थी। आरपीएससी की ओर से दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान यह डिग्री फर्जी पाई गई, जिसके बाद मामले की जांच एसओजी को सौंपी गई।
फर्जी डिग्री उपलब्ध कराने में निभाई अहम भूमिका
जांच में सामने आया कि अशोक विश्नोई ने महेंद्र सिंह राव के जरिए डॉ. सुरेश कुमार से संपर्क किया और अपनी बहन ब्रह्मा कुमारी के लिए मेवाड़ यूनिवर्सिटी के नाम से फर्जी मार्कशीट और डिग्री उपलब्ध करवाई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने विश्वविद्यालय के तत्कालीन डीन कौशल किशोर चंद्रूल से संपर्क स्थापित कर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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अब तक 15 आरोपी गिरफ्तार
एसओजी के अनुसार, इस प्रकरण में फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी हासिल करने वाली ब्रह्मा कुमारी समेत अब तक 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, अजमेर के सिविल लाइंस थाने में दर्ज फर्जी डिग्री से जुड़े एक अन्य मामले में भी अशोक विश्नोई की भूमिका की जांच की जा रही है।
पहले भी हो चुका है गिरफ्तार
जांच एजेंसी ने बताया कि अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया को इससे पहले जोधपुर के कुड़ी भगतासनी थाना क्षेत्र में दर्ज एक अन्य मामले में भी गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल एसओजी इस पूरे फर्जी डिग्री नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश और मामले की गहन जांच में जुटी है।
यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक अजयपाल लाम्बा, उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव, पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्याम सुंदर विश्नोई के नेतृत्व में एसओजी अजमेर यूनिट ने की।
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एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थी ब्रह्मा कुमारी ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार (चित्तौड़गढ़) से जारी एमए (हिंदी) की डिग्री प्रस्तुत की थी। आरपीएससी की ओर से दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान यह डिग्री फर्जी पाई गई, जिसके बाद मामले की जांच एसओजी को सौंपी गई।
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फर्जी डिग्री उपलब्ध कराने में निभाई अहम भूमिका
जांच में सामने आया कि अशोक विश्नोई ने महेंद्र सिंह राव के जरिए डॉ. सुरेश कुमार से संपर्क किया और अपनी बहन ब्रह्मा कुमारी के लिए मेवाड़ यूनिवर्सिटी के नाम से फर्जी मार्कशीट और डिग्री उपलब्ध करवाई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने विश्वविद्यालय के तत्कालीन डीन कौशल किशोर चंद्रूल से संपर्क स्थापित कर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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अब तक 15 आरोपी गिरफ्तार
एसओजी के अनुसार, इस प्रकरण में फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी हासिल करने वाली ब्रह्मा कुमारी समेत अब तक 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, अजमेर के सिविल लाइंस थाने में दर्ज फर्जी डिग्री से जुड़े एक अन्य मामले में भी अशोक विश्नोई की भूमिका की जांच की जा रही है।
पहले भी हो चुका है गिरफ्तार
जांच एजेंसी ने बताया कि अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया को इससे पहले जोधपुर के कुड़ी भगतासनी थाना क्षेत्र में दर्ज एक अन्य मामले में भी गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल एसओजी इस पूरे फर्जी डिग्री नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश और मामले की गहन जांच में जुटी है।
यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक अजयपाल लाम्बा, उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव, पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्याम सुंदर विश्नोई के नेतृत्व में एसओजी अजमेर यूनिट ने की।