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हौसलों को मिले पंख, उड़ान की तैयारी में मेधा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 21 May 2016 08:54 PM IST
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सीबीएसई का रिजल्ट निकलने के बाद खुशी मनाते रैम्पस स्कूल के बच्चे।
- फोटो : shivharsh
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सीबीएसई की बारहवीं कक्षा के नतीजे की सूचना मिलते ही शनिवार की दोपहर में शहर की सरगर्मी बढ़ गई। कुछ साइबर कैफे की ओर दौड़े तो कई खुद के कंप्यूटर और लैपटॉप में अपनी मेहनत का परिणाम तलाशने लगे। कुछ मोबाइल फोन में गूगल सर्च करने लगे। जैसे-जैसे रिजल्ट आए, चेहरे सड़कों पर चमकने लगे। अच्छे अंक पाने से कहीं खुशी तो कम आने से कहीं गम भी दिखाई दिया।
दोपहर एक बजे के बाद टॉपर ‘कौन’ सामने आ गया। द पिलर्स पब्लिक स्कूल के सौरभ सिंह यादव 97.2 प्रतिशत अंक के साथ अव्वल रहे। स्कूलों ने जब अपनी सूची जारी की तो आर्मी पब्लिक स्कूल की तान्या सहदेव 96.6 प्रतिशत अंक और जीएन नेशनल स्कूल की डिंपल करमचंदानी 96.4 प्रतिशत अंक लेकर दौड़ में आगे रहीं।
उम्मीद के मुताबिक अंक पाने वाले विद्यार्थियों के घर दोपहर से ही त्योहार जैसा माहौल हो गया। अभिभावकों ने पड़ोसियाें और दोस्तों में मिठाई बांटकर खुशियां साझा कीं। कुछ विद्यार्थी बुलावे पर स्कूल पहुंचे और सहपाठियों से सफलता की आपबीती बताई। दोपहर बाद से देर रात तक सफल अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन की घंटियां बजती रहीं। बधाई और धन्यवाद का सिलसिला चलता रहा।
आईएएस बनना मेरा सपना
आईएएस बनना मेरा सपना है। इसके लिए मेरे घर वाले भी पूरा सहयोग करते हैं। गुरुजनों के सहयोग से सफलता हासिल हुई है। लक्ष्य के प्रति हौसला बढ़ा है। मेरी इच्छा है कि पहले मैं आईआईटी से बीटेक करूं और फिर आईएएस बनूं। रिजल्ट देखने के बाद लगा कि मेरे सपने को आधार मिल गया है। इंटर की परीक्षा के अच्छे अंक आईएएस का लक्ष्य हासिल करने में सहायक बनेंगे।
-सौरभ सिंह यादव, 97.2 प्रतिशत, द पिलर्स पब्लिक स्कूल
शोध में देखती हूं अपना भविष्य
मैं रिसर्च के क्षेत्र में भविष्य बनाना चाहती हूं। वैज्ञानिक बनकर देश के लिए अपनी ओर से कुछ अलग करने की सोच है। इसके लिए मेरे घर वालों के साथ ही अध्यापकों का सहयोग मिलता है। कुशल मार्गदर्शन की वजह से बेहतर अंक हासिल करने में कामयाबी मिल सकी है। सुबह में जब रिजल्ट अच्छा देखने को मिला तो मन प्रफुल्लित हो गया। बेहतर अंक ने मेरे और घरवालों का हौसला बढ़ाया है।
-डिंपल करमचंदानी, 96.4 प्रतिशत, जीएन पब्लिक स्कूल।
ऑर्किटेक्ट बनने की ख्वाहिश
इंटरमीडिएट में जितने अंकों की उम्मीद थी, वह हासिल हुई। अब लक्ष्य इंजीनियर बनने का है। इंजीनियरिंग में ऑर्किटेक्ट का काम मुझे अच्छा लगता है, इसलिए उसी ट्रेड को अपने प्रोफेशन का हिस्सा बनाऊंगी। अच्छे अंक हासिल करने का श्रेय मैं पूरी तौर पर अपने परिवार वालों और शिक्षकों को देती हूं। सफलता का आनंद ले रही हूं और खुशी रिश्तेदारों और मित्रों में बांट रही हूं।
तान्या सहदेव, 96.6 प्रतिशत, आर्मी पब्लिक स्कूल।
जिले के टॉप टेन
नाम --------------------- स्कूल -------------------------------- प्रतिशत
सौरभ सिंह यादव ------ द पिलर्स पब्लिक स्कूल --------- 97.2 प्रतिशत
तान्या सहदेव ------------ आर्मी पब्लिक स्कूल ------------ 96.6 प्रतिशत
डिंपल करमचंदानी ------------ जीएन नेशनल पब्लिक स्कूल ----- 96.4 प्रतिशत
सौम्या शर्मा ------------ रैंपस रत्ना मेमोरियल पब्लिक स्कूल ------ 96.2 प्रतिशत
आशी श्रीनेत ------------ द पिलर्स पब्लिक स्कूल ------------------ 95.8 प्रतिशत
संदीप मद्धेशिया ------------ ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल ------------ 95.6 प्रतिशत
नामित कुमार पांडेय ------------ केंद्रीय विद्यालय नं.-1 ------------ 95.2 प्रतिशत
पुनीत राय ------------ जीएन नेशनल पब्लिक स्कूल -------------- 95 प्रतिशत
प्रतीक्षा वर्मा ------------ रैंपस रत्ना मेमोरियल पब्लिक स्कूल ------------ 95 प्रतिशत
अभिनव पांडेय ------------ जीएन नेशनल पब्लिक स्कूल ------------ 94.6 प्रतिशत
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दोपहर एक बजे के बाद टॉपर ‘कौन’ सामने आ गया। द पिलर्स पब्लिक स्कूल के सौरभ सिंह यादव 97.2 प्रतिशत अंक के साथ अव्वल रहे। स्कूलों ने जब अपनी सूची जारी की तो आर्मी पब्लिक स्कूल की तान्या सहदेव 96.6 प्रतिशत अंक और जीएन नेशनल स्कूल की डिंपल करमचंदानी 96.4 प्रतिशत अंक लेकर दौड़ में आगे रहीं।
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उम्मीद के मुताबिक अंक पाने वाले विद्यार्थियों के घर दोपहर से ही त्योहार जैसा माहौल हो गया। अभिभावकों ने पड़ोसियाें और दोस्तों में मिठाई बांटकर खुशियां साझा कीं। कुछ विद्यार्थी बुलावे पर स्कूल पहुंचे और सहपाठियों से सफलता की आपबीती बताई। दोपहर बाद से देर रात तक सफल अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन की घंटियां बजती रहीं। बधाई और धन्यवाद का सिलसिला चलता रहा।
आईएएस बनना मेरा सपना
आईएएस बनना मेरा सपना है। इसके लिए मेरे घर वाले भी पूरा सहयोग करते हैं। गुरुजनों के सहयोग से सफलता हासिल हुई है। लक्ष्य के प्रति हौसला बढ़ा है। मेरी इच्छा है कि पहले मैं आईआईटी से बीटेक करूं और फिर आईएएस बनूं। रिजल्ट देखने के बाद लगा कि मेरे सपने को आधार मिल गया है। इंटर की परीक्षा के अच्छे अंक आईएएस का लक्ष्य हासिल करने में सहायक बनेंगे।
-सौरभ सिंह यादव, 97.2 प्रतिशत, द पिलर्स पब्लिक स्कूल
शोध में देखती हूं अपना भविष्य
मैं रिसर्च के क्षेत्र में भविष्य बनाना चाहती हूं। वैज्ञानिक बनकर देश के लिए अपनी ओर से कुछ अलग करने की सोच है। इसके लिए मेरे घर वालों के साथ ही अध्यापकों का सहयोग मिलता है। कुशल मार्गदर्शन की वजह से बेहतर अंक हासिल करने में कामयाबी मिल सकी है। सुबह में जब रिजल्ट अच्छा देखने को मिला तो मन प्रफुल्लित हो गया। बेहतर अंक ने मेरे और घरवालों का हौसला बढ़ाया है।
-डिंपल करमचंदानी, 96.4 प्रतिशत, जीएन पब्लिक स्कूल।
ऑर्किटेक्ट बनने की ख्वाहिश
इंटरमीडिएट में जितने अंकों की उम्मीद थी, वह हासिल हुई। अब लक्ष्य इंजीनियर बनने का है। इंजीनियरिंग में ऑर्किटेक्ट का काम मुझे अच्छा लगता है, इसलिए उसी ट्रेड को अपने प्रोफेशन का हिस्सा बनाऊंगी। अच्छे अंक हासिल करने का श्रेय मैं पूरी तौर पर अपने परिवार वालों और शिक्षकों को देती हूं। सफलता का आनंद ले रही हूं और खुशी रिश्तेदारों और मित्रों में बांट रही हूं।
तान्या सहदेव, 96.6 प्रतिशत, आर्मी पब्लिक स्कूल।
जिले के टॉप टेन
नाम --------------------- स्कूल -------------------------------- प्रतिशत
सौरभ सिंह यादव ------ द पिलर्स पब्लिक स्कूल --------- 97.2 प्रतिशत
तान्या सहदेव ------------ आर्मी पब्लिक स्कूल ------------ 96.6 प्रतिशत
डिंपल करमचंदानी ------------ जीएन नेशनल पब्लिक स्कूल ----- 96.4 प्रतिशत
सौम्या शर्मा ------------ रैंपस रत्ना मेमोरियल पब्लिक स्कूल ------ 96.2 प्रतिशत
आशी श्रीनेत ------------ द पिलर्स पब्लिक स्कूल ------------------ 95.8 प्रतिशत
संदीप मद्धेशिया ------------ ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल ------------ 95.6 प्रतिशत
नामित कुमार पांडेय ------------ केंद्रीय विद्यालय नं.-1 ------------ 95.2 प्रतिशत
पुनीत राय ------------ जीएन नेशनल पब्लिक स्कूल -------------- 95 प्रतिशत
प्रतीक्षा वर्मा ------------ रैंपस रत्ना मेमोरियल पब्लिक स्कूल ------------ 95 प्रतिशत
अभिनव पांडेय ------------ जीएन नेशनल पब्लिक स्कूल ------------ 94.6 प्रतिशत