{"_id":"6a697953b9c1f1b65f0b8e9b","slug":"500-year-old-lodi-era-mosque-in-agra-reduced-to-ruins-after-years-of-neglect-2026-07-29","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: लोदी काल की पहली मस्जिद की तस्वीर, 500 साल की विरासत मलबे में हुई तब्दील; आंखें मूंदे रहा प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: लोदी काल की पहली मस्जिद की तस्वीर, 500 साल की विरासत मलबे में हुई तब्दील; आंखें मूंदे रहा प्रशासन
Wed, 29 Jul 2026 09:23 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 29 Jul 2026 09:23 AM IST
सार
आगरा के सिकंदरा स्थित करीब 500 साल पुरानी लोदीकालीन पहली मस्जिद वर्षों की अनदेखी के बाद पूरी तरह ढह गई। संरक्षित स्मारक न होने के कारण न पुरातत्व विभाग ने संरक्षण किया और न ही प्रशासन ने समय रहते कदम उठाए।
विज्ञापन
लोदी काल की पहली मस्जिद
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा के सिकंदरा में सुल्तान सिकंदर लोदी के काल में बनाई गई 500 साल पुरानी आगरा की पहली मस्जिद का वजूद मिट गया। तीन गुंबद वाली मस्जिद के दो गुंबद भारी बारिश के कारण दो साल पहले गिर गए थे, तब से राज्य पुरातत्व विभाग ने इसे देखा, न ही प्रशासन ने। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से संरक्षित न होने के कारण 500 साल पुरानी मस्जिद महज 40 साल में ही पूरी तरह से ढह गई।
विज्ञापन
सिकंदरा से लोदी मकबरे से ठीक 800 मीटर दूर लोदी काल की आगरा में बनी पहली मस्जिद आठ फीट ऊंचे प्लेटफाॅर्म पर बनी थी। मिट्टी का ऊंचा टीला यहां वर्ष 1985 तक रहा, जिसके बाद यहां लगातार मिट्टी के खनन के बाद मस्जिद पर खतरा मंडराता रहा। होली पब्लिक स्कूल के मोड़ पर ही बनी मस्जिद हाईवे से सीधे नजर आती थी। वर्ष 2013 में भावना एस्टेट रोड की ओर वाले गुंबद के नीचे की दीवार गिरनी शुरू हुई, जिसके बाद दो साल पहले सितंबर में इसके दो गुंबर ढह गए। एक गुंबद बाकी है, लेकिन इसमें चौड़ी दरार आ चुकी है और कभी भी यह भी ढह सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्ष 1510 के आसपास बनी है मस्जिद
लोदी वंश के सुल्तान सिकंदर लोदी ने वर्ष 1504 में आगरा में सिकंदरा को अपनी राजधानी बनाया था। सिकंदरा में लोदी काल की कई इमारतें बनी हैं, इनमें अकबर के मकबरे के प्रवेश द्वार के पास अष्टकोणीय मकबरा है। इसी से 800 मीटर दूर बनी मस्जिद वर्ष 1510 के आसपास की मानी जाती है। इसकी मेहराब और इंटीरियर डिजायन डायमंड कट की तरह से है।
लोदी वंश के सुल्तान सिकंदर लोदी ने वर्ष 1504 में आगरा में सिकंदरा को अपनी राजधानी बनाया था। सिकंदरा में लोदी काल की कई इमारतें बनी हैं, इनमें अकबर के मकबरे के प्रवेश द्वार के पास अष्टकोणीय मकबरा है। इसी से 800 मीटर दूर बनी मस्जिद वर्ष 1510 के आसपास की मानी जाती है। इसकी मेहराब और इंटीरियर डिजायन डायमंड कट की तरह से है।
वास्तुकला, इतिहास बताने का जरिया है यह धरोहर
एएसआई के पूर्व अधिकारी और पुरातत्वविद डॉ. आरके दीक्षित के मुताबिक एएसआई से यह इमारत संरक्षित नहीं थी, लेकिन इसे बचाने का प्रयास होना चाहिए था। यह लोदी काल की वास्तुकला और इतिहास बताने का जरिया है। निजी क्षेत्र और पुरातत्व में काम कर रहे एनजीओ को आगे आना चाहिए।
एएसआई के पूर्व अधिकारी और पुरातत्वविद डॉ. आरके दीक्षित के मुताबिक एएसआई से यह इमारत संरक्षित नहीं थी, लेकिन इसे बचाने का प्रयास होना चाहिए था। यह लोदी काल की वास्तुकला और इतिहास बताने का जरिया है। निजी क्षेत्र और पुरातत्व में काम कर रहे एनजीओ को आगे आना चाहिए।
संरक्षित नहीं, इसलिए मरम्मत नहीं
राज्य पुरातत्व विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी ज्ञानेंद्र रस्तोगी के मुताबिक लोदी मस्जिद राज्य पुरातत्व विभाग से संरक्षित नहीं है, इसलिए मरम्मत नहीं की जा सकती। प्रशासन चाहे तो मरम्मत करा सकता है।
राज्य पुरातत्व विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी ज्ञानेंद्र रस्तोगी के मुताबिक लोदी मस्जिद राज्य पुरातत्व विभाग से संरक्षित नहीं है, इसलिए मरम्मत नहीं की जा सकती। प्रशासन चाहे तो मरम्मत करा सकता है।