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आगरा नगर निगम में घमासान: अटक गया बजट, 150 करोड़ के विकास कार्य ठप; पार्षदों ने मेयर के खिलाफ खोला मोर्चा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 04 May 2026 11:38 AM IST
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सार
आगरा नगर निगम में बजट पास न होने से करीब 150 करोड़ रुपये के विकास कार्य रुक गए हैं, जिससे शहर में असुविधा बढ़ गई है। भाजपा समेत कई पार्षदों ने मेयर पर नियमों के उल्लंघन और नगर संचालन में लापरवाही के आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है।
नगर निगम आगरा
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विस्तार
नाली, सड़क, फुटपाथ, पानी की लाइन, स्ट्रीट लाइट या पार्क जैसी सुविधाओं के लिए लोग नगर निगम कार्यालय के एक महीने से चक्कर काटकर परेशान हैं। करीब 150 करोड़ रुपये से ज्यादा के विकास कार्य अटके हुए हैं। दरअसल, नगर निगम में अधिवेशन न होने के कारण अब तक वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट मंजूर नहीं हुआ है। अब बसपा के बाद भाजपा के पार्षदों ने भी मेयर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और उन पर नियम विरुद्ध नगर निगम का संचालन करने का आरोप लगाया है।
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भाजपा के वरिष्ठ पार्षद और उपसभापति रहे रवि बिहारी माथुर ने कहा है कि कार्यकारिणी और अधिवेशन न होने के कारण सभी वित्तीय कार्य रुके हुए हैं। लोग अपने वार्ड में विकास कार्य कराने के लिए परेशान हैं। उन्होंने नगर निगम अधिनियम 1959 के उल्लंघन का दावा करते हुए मेयर की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए और कहा कि हर दो माह में अधिवेशन होना चाहिए, लेकिन तीन साल में 18 की जगह केवल चार हो पाए हैं। इसी तरह 36 कार्यकारिणी की बैठक की जगह केवल 13 ही हो सकी हैं। बसपा के बाद भाजपा पार्षद के इन सवालों के समर्थन में कई पार्षद आ गए हैं।
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बजट के बिना हो रहा संचालन
पार्षद रवि बिहारी माथुर के मुताबिक नगर निगम का मूल बजट मार्च में पारित हो जाना चाहिए था, लेकिन मई में भी इसके पारित होने के आसार नहीं है। मेयर ने बजट अधिवेशन के लिए कार्यकारिणी ही नहीं बुलाई है। कार्यकारिणी के 15 दिन बाद ही अधिवेशन होगा, ऐसे में बिना बजट के ही अप्रैल और मई में नगर निगम चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नगर निगम अधिनियम की धारा 88(सी) के तहत यदि सदन के 1/6 सदस्य विशेष सदन की मांग करते हैं तो यह अनिवार्य है। एक भी विशेष सदन मेयर ने नहीं बुलाया। इससे निर्माण कार्य और सफाई व्यवस्था ठप हो रही है।
पार्षद रवि बिहारी माथुर के मुताबिक नगर निगम का मूल बजट मार्च में पारित हो जाना चाहिए था, लेकिन मई में भी इसके पारित होने के आसार नहीं है। मेयर ने बजट अधिवेशन के लिए कार्यकारिणी ही नहीं बुलाई है। कार्यकारिणी के 15 दिन बाद ही अधिवेशन होगा, ऐसे में बिना बजट के ही अप्रैल और मई में नगर निगम चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नगर निगम अधिनियम की धारा 88(सी) के तहत यदि सदन के 1/6 सदस्य विशेष सदन की मांग करते हैं तो यह अनिवार्य है। एक भी विशेष सदन मेयर ने नहीं बुलाया। इससे निर्माण कार्य और सफाई व्यवस्था ठप हो रही है।
