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Etah: सवा बीघा जमीन के लिए खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों से पीट-पीटकर वृद्ध की हत्या; आधा दर्जन घायल

संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Published by: Dhirendra Singh Updated Mon, 22 Jun 2026 12:00 PM IST
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सार

एटा के जलेसर क्षेत्र में सवा बीघा जमीन के विवाद को लेकर दबंगों ने एक परिवार पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें 70 वर्षीय अमर सिंह की मौत हो गई। हमले में दो युवतियों समेत परिवार के कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि परिजनों ने पुलिस पर समय रहते कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।

 

Bloody Clash Over Land Dispute in Etah: Elderly Man Dies, Several Family Members Seriously Injured
एटा बवाल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

एटा के जलेसर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में सवा बीघा में जमीन के विवाद को लेकर दबंगों ने एक परिवार पर लाठी-डंडों और पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में 70 वर्षीय वृद्ध की आगरा ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई, जबकि दो युवतियों सहित परिवार के आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि पुलिस को समय रहते सूचना देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे बेखौफ आरोपियों ने अगले ही दिन इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।



प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक अमर सिंह (70 वर्ष) पुत्र बीरी सिंह लंबे समय से दिल्ली में रहते थे। गांव में उनकी सवा बीघा पैतृक जमीन थी। अमर सिंह ने अपने सगे भतीजों को जमीन न देकर, इसी वर्ष जनवरी में समाज के ही महेश पाल सिंह और भगवान सिंह पुत्रगण पीताम्बर सिंह को उसका बैनामा (रजिस्ट्री) कर दिया था। इसी बात से अमर सिंह के भतीजे पुष्पेंद्र, दिनेश, प्रेमवीर और हेमंत पुत्रगण सोबरन सिंह बेहद नाराज थे और जमीन पर जबरन कब्जा करना चाहते थे। महेश पाल ने बताया कि उन्होंने जमीन पर कब्जे और सुरक्षा को लेकर कई बार ग्राम लेखपाल और कोतवाली पुलिस से गुहार लगाई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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पीड़ित पक्ष के अनुसार, विवाद के चलते बीते 21 जून की सुबह आरोपियों ने अमर सिंह के साथ मारपीट की और उनके मकान में तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद जब महेश सिंह बीच-बचाव करने आए, तो उनके साथ भी मारपीट की गई। कल ही दोनों पीड़ितों ने कोतवाली प्रभारी संजय राघव को लिखित तहरीर देकर सुरक्षा की मांग की थी। आरोप है कि कोतवाली प्रभारी ने शाम तक हल्का इंचार्ज और पुलिस बल गांव भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन रात तक कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। पुलिस के न पहुंचने से उत्साहित आरोपियों ने आज सुबह योजनाबद्ध तरीके से महेश पाल के परिवार पर धावा बोल दिया। आरोपियों ने जमकर पथराव किया और घर के बाहर खड़ी महेश सिंह की ईको कार को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
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इस भीषण हमले में लाठी-डंडे और पत्थर लगने से कीर्ति पुत्र भगवान सिंह, वैष्णवी व वंशिका पुत्रीगण महेश सिंह, दीपक पुत्र भगवान सिंह, महेश पाल सिंह और भगवान सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, 70 वर्षीय वृद्ध अमर सिंह को सिर और शरीर पर बेहद गंभीर चोटें आईं।
सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलेसर में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने अमर सिंह की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत आगरा रेफर कर दिया। दुर्भाग्यवश, आगरा ले जाते समय रास्ते में ही अमर सिंह ने दम तोड़ दिया। वृद्ध की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

परिजनों का सीधा आरोप है कि अगर 21 जून को तहरीर देने के बाद ही कोतवाली प्रभारी संजय राघव ने पुलिस बल भेज दिया होता, तो आज यह हत्या और खूनी संघर्ष टाला जा सकता था। पुलिस की इसी सुस्ती के कारण हमलावरों के हौसले बुलंद हुए। फिलहाल पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घायलों का उपचार जारी है। पुलिस मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई है।
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