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Re-NEET 2026: फिजिक्स ने छुड़ाए पसीने, बायोलॉजी और केमिस्ट्री में राहत; ऐसा रहा री-नीट- 2026 का पेपर
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 22 Jun 2026 11:13 AM IST
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सार
री-नीट 2026 में फिजिक्स सेक्शन छात्रों के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण रहा, जिसमें लंबे न्यूमेरिकल और कॉन्सेप्ट आधारित प्रश्नों ने काफी समय लिया। वहीं, बायोलॉजी पूरी तरह एनसीईआरटी आधारित और केमिस्ट्री अपेक्षाकृत आसान व स्कोरिंग रही।
री-नीट 2026
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा में रविवार को री-नीट परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। शहर के 20 परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों व अभिभावकों की भीड़ दिखी। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे के बीच हुई। परीक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने 20 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए थे। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरों पर राहत और चिंता दोनों दिखाई दी।
अधिकांश अभ्यर्थियों का कहना था कि इस बार भौतिक विज्ञान का पेपर अपेक्षाकृत कठिन रहा। कई प्रश्न कॉन्सेप्ट आधारित और लंबे थे, जिन्हें हल करने में अधिक समय लगा। खासकर न्यूमेरिकल प्रश्नों ने विद्यार्थियों को काफी उलझाया। वहीं, रसायन और जीव विज्ञान के पेपर ने राहत दी। जिले में परीक्षा के लिए कुल 9,688 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 8,828 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 860 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। प्रशासन के अनुसार सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और कहीं से किसी प्रकार की अव्यवस्था या शिकायत की सूचना नहीं मिली।
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केंद्रों पर पुलिस बल, सीसीटीवी निगरानी और सघन तलाशी की व्यवस्था की गई थी। अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले केंद्रों पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही प्रवेश दिया गया। जीव विज्ञान में अधिकांश प्रश्न सीधे और एनसीईआरटी आधारित थे, जबकि रसायन विज्ञान का स्तर आसान से मध्यम रहा।
ये बोले परीक्षार्थी
भौतिक विज्ञान ने बिगाड़ी समय प्रबंधन
आंचल तोमर ने बताया कि जीव विज्ञान का पेपर उम्मीद के मुताबिक रहा और अधिकांश प्रश्न पाठ्यक्रम से ही पूछे गए थे। हालांकि भौतिक विज्ञान के कुछ प्रश्नों ने परेशान किया। समय प्रबंधन बिगाड़ दिया।
भौतिक विज्ञान ने बिगाड़ी समय प्रबंधन
आंचल तोमर ने बताया कि जीव विज्ञान का पेपर उम्मीद के मुताबिक रहा और अधिकांश प्रश्न पाठ्यक्रम से ही पूछे गए थे। हालांकि भौतिक विज्ञान के कुछ प्रश्नों ने परेशान किया। समय प्रबंधन बिगाड़ दिया।
रसायन के प्रश्न रहे सरल
खुशी का कहना है कि रसायन विज्ञान का पेपर काफी अच्छा गया। प्रश्न सीधे थे और उन्हें हल करने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई लेकिन भौतिक के कई प्रश्न घुमाकर पूछे गए थे, जिससे थोड़ी परेशानी हुई।
खुशी का कहना है कि रसायन विज्ञान का पेपर काफी अच्छा गया। प्रश्न सीधे थे और उन्हें हल करने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई लेकिन भौतिक के कई प्रश्न घुमाकर पूछे गए थे, जिससे थोड़ी परेशानी हुई।
मध्यम स्तर का रहा पेपर
प्रियांश ने बताया कि पेपर का ओवरऑल स्तर मध्यम रहा लेकिन भौतिक के न्यूमेरिकल और कॉन्सेप्ट आधारित प्रश्न कठिन थे। बायोलॉजी और केमिस्ट्री ठीक रहा। अच्छे अंक आने की उम्मीद है।
प्रियांश ने बताया कि पेपर का ओवरऑल स्तर मध्यम रहा लेकिन भौतिक के न्यूमेरिकल और कॉन्सेप्ट आधारित प्रश्न कठिन थे। बायोलॉजी और केमिस्ट्री ठीक रहा। अच्छे अंक आने की उम्मीद है।
ऐसा रहा री-नीट- 2026 का पेपर
फिजिक्स सेक्शन को इस बार छात्रों ने सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण बताया।
कैलकुलेशन और थ्योरी: पेपर में न्यूमेरिकल सवाल ज्यादा थे, जिसमें लंबी कैलकुलेशन करनी पड़ रही थी। इसकी वजह से छात्रों का काफी समय खर्च हुआ।
फिजिक्स सेक्शन को इस बार छात्रों ने सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण बताया।
कैलकुलेशन और थ्योरी: पेपर में न्यूमेरिकल सवाल ज्यादा थे, जिसमें लंबी कैलकुलेशन करनी पड़ रही थी। इसकी वजह से छात्रों का काफी समय खर्च हुआ।
मुख्य टॉपिक्स: इलेक्ट्रोडायनामिक्स से करीब 17 सवाल और मैकेनिक्स से 15 सवाल पूछे गए। इसके अलावा मॉडर्न फिजिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स से भी 9 सवाल देखने को मिले।
प्रश्नों का प्रकार: 42 सवाल सिंगल करेक्ट ऑप्शन वाले थे, जबकि 3 सवाल मल्टीपल करेक्ट थे। इसके अलावा एसर्शन-रीजन और मैच द कॉलम के सवाल भी शामिल थे। जो नए टॉपिक्स इस साल जोड़े गए थे, उनसे कुछ खास सवाल नहीं दिखे।
प्रश्नों का प्रकार: 42 सवाल सिंगल करेक्ट ऑप्शन वाले थे, जबकि 3 सवाल मल्टीपल करेक्ट थे। इसके अलावा एसर्शन-रीजन और मैच द कॉलम के सवाल भी शामिल थे। जो नए टॉपिक्स इस साल जोड़े गए थे, उनसे कुछ खास सवाल नहीं दिखे।
जीव विज्ञान हमेशा की तरह इस बार भी छात्रों के लिए सबसे आसान और सबसे ज्यादा नंबर दिलाने वाला सेक्शन साबित हुआ।
एनसीईआरटी का रोल: लगभग पूरा पेपर लाइन-टू-लाइन एनसीईआरटी सिलेबस पर आधारित था। जिन छात्रों ने एनसीईआरटी को अच्छे से रटा था, उन्हें पेपर बहुत आसान लगा।
एनसीईआरटी का रोल: लगभग पूरा पेपर लाइन-टू-लाइन एनसीईआरटी सिलेबस पर आधारित था। जिन छात्रों ने एनसीईआरटी को अच्छे से रटा था, उन्हें पेपर बहुत आसान लगा।
रसायन विज्ञान का पेपर पिछले साल और पिछले अटेम्प्ट के मुकाबले हल्का सा बेहतर रहा। इसे ''स्कोरिंग'' माना जा सकता है।
फिजिकल केमिस्ट्री: इस हिस्से से काफी सवाल आए जो सीधे फॉर्मूला आधारित थे। इनमें कैलकुलेशन की जरूरत थी। आयनिक इक्विलिब्रियम से इस बार सवाल गायब दिखे।
फिजिकल केमिस्ट्री: इस हिस्से से काफी सवाल आए जो सीधे फॉर्मूला आधारित थे। इनमें कैलकुलेशन की जरूरत थी। आयनिक इक्विलिब्रियम से इस बार सवाल गायब दिखे।
ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक: ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में स्टेटमेंट आधारित सवाल और कुछ कॉन्सेप्चुअल रिएक्शंस पूछी गईं। इनऑर्गेनिक और ऑर्गेनिक दोनों से कक्षा 12वीं के सिलेबस का अच्छा खासा दबदबा रहा। दोनों से 11-11 सवाल रहे।
प्रश्नों का प्रकार: पेपर में 5 सवाल स्टेटमेंट टाइप और 7 सवाल मैच द कॉलम के थे, जिनमें थोड़ा समय लगा।
प्रश्नों का प्रकार: पेपर में 5 सवाल स्टेटमेंट टाइप और 7 सवाल मैच द कॉलम के थे, जिनमें थोड़ा समय लगा।