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UP: गड्ढों के बीच जिंदगी का सफर, सीएम ग्रिड निर्माण में सुरक्षा इंतजाम नदारद; डेढ़ किलोमीटर तक धूल का गुबार
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 23 Jun 2026 03:53 PM IST
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सार
आगरा के 100 फीट मार्ग पर सीएम ग्रिड निर्माण के दौरान कई जगह करीब 20 फीट गहरे गड्ढे बिना चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा जाल के खुले छोड़ दिए गए हैं। टूटी सड़क और डेढ़ किलोमीटर तक उड़ती धूल से राहगीरों, दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीएम ग्रिड का काम बना मुसीबत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के यमुनापार स्थित 100 फीट मार्ग पर टेढ़ी बगिया से शाहदरा तक चल रहे सीएम ग्रिड निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। कई स्थानों पर बिना चेतावनी बोर्ड और ग्रीन नेट लगाए गहरी खुदाई कर छोड़ दी गई है, जिससे राहगीरों, महिलाओं और बच्चों की जान जोखिम में पड़ गई है। वहीं दूसरी ओर डेढ़ किलोमीटर लंबे मार्ग पर हर ओर धूल का गुबार नजर आ रहा है।
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सोमवार को 100 फीट मार्ग पर बिना चेतावनी बोर्ड और ग्रीन नेट लगाए जेसीबी से खुदाई कर करीब 1000 एमएम व्यास की पाइपलाइन डाली जा रही थी। स्थानीय लोगों के अनुसार कई स्थानों पर लगभग 20 फीट गहरे गड्ढे खोदकर खुले छोड़ दिए गए हैं। निर्माण कार्य के चलते सड़क के हिस्से भी खोद दिए गए हैं, जिससे मार्ग कच्चे और पथरीले रास्ते में तब्दील हो गया है।
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सीएनजी पंप के पास बिना सुरक्षा इंतजामों के गहरी खुदाई के बीच बच्चे, महिलाएं और अन्य राहगीर गुजरने को मजबूर हैं। यदि किसी प्रकार की दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, यह बड़ा सवाल है। खुदाई के बाद कई स्थानों पर सड़क को दोबारा पक्का नहीं किया गया है, जिससे उड़ी धूल लोगों के घरों और दुकानों तक पहुंच रही है तथा राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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स्थानीय निवासी रवि कुमार और परवेश खान ने बताया कि 100 फीट मार्ग की सड़क पिछले दस वर्षों में दर्जनों बार खोदी जा चुकी है। कई बार लोग गड्ढों और उबड़-खाबड़ रास्तों के कारण गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। बारिश के मौसम में सड़क पर जलभराव और कीचड़ की समस्या और बढ़ जाती है, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है। कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हो चुके हैं।