फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Farmer Sold Two Bighas of Land to Support Daughter’s Wrestling Dream, Gamini Wins Silver at Khelo India Games

UP: बेटी का सपना पूरा करने के लिए बेच दिया खेत, उसने भी न किया निराश; गामिनी को राज्यपाल ने किया सम्मानित

Tue, 04 Aug 2026 11:33 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Tue, 04 Aug 2026 11:33 AM IST
सार

मलपुरा के गांवरी की किसान परिवार की बेटी गामिनी ने खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में रजत पदक जीतकर पिता के संघर्ष और त्याग को सार्थक कर दिया। बेटी की ट्रेनिंग का खर्च जुटाने के लिए पिता ने दो बीघा खेत तक बेच दिया था, गामिनी को दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने 25 हजार रुपये का चेक देकर सम्मानित किया।

विज्ञापन
Farmer Sold Two Bighas of Land to Support Daughter’s Wrestling Dream, Gamini Wins Silver at Khelo India Games
गामिनी अपने पिता के साथ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के मलपुरा के गांव गांवरी के किसान परिवार की बेटी गामिनी ने की सफलता पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। छह भाई-बहनों में तीसरे नंबर की बेटी ने अपनी मेहनत और पिता के त्याग के दम पर ऐसा ही मुकाम हासिल किया है। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर रजत पदक जीतने वाली गामिनी को दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने 25 हजार रुपये का चेक देकर सम्मानित किया। गामिनी बैकुंठी देवी महाविद्यालय में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा हैं।
विज्ञापन


गामिनी के पिता शेषपाल सिंह किसान हैं। उन्होंने बताया कि दो बेटियों की शादी के बाद परिवार की जिम्मेदारियां कम नहीं हुई थीं लेकिन तीसरी संतान गामिनी को पहलवानी का ऐसा जुनून था जिसे रोकना संभव नहीं था। बचपन से ही वह लड़कों के साथ दमखम दिखाती थी और कोई उसे आसानी से हरा नहीं पाता था। तभी एहसास हुआ कि बेटी में असाधारण प्रतिभा है।
विज्ञापन


बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए पिता शेषपाल सिंह ने बड़ा त्याग किया। उन्होंने बताया कि गामिनी की ट्रेनिंग और प्रतियोगिताओं का खर्च उठाने के लिए अपनी दो बीघा जमीन तक बेचनी पड़ी। इसके बाद गामिनी को जरूआ कटारा के रविंद्र पहलवान के अखाड़े में ले गए, जहां उसने कुश्ती की बारीकियां सीखीं। आगे चलकर उसने रोहतक के साक्षी मलिक अखाड़े में अभ्यास किया और वर्तमान में छोटूराम स्टेडियम में नियमित प्रशिक्षण ले रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गामिनी ने कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाना शुरू कर दिया था। 15 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीता। 17 वर्ष की उम्र में एशियन ट्रायल में दूसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में रजत पदक जीतकर अपनी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत की। पिता ने कहा कि जमीन फिर खरीदी जा सकती है लेकिन बेटी के सपने अधूरे नहीं रहने चाहिए। गामिनी को राज्यपाल के हाथों सम्मान मिला तो उन्हें लगा कि उनका हर त्याग सफल हो गया।


झटके तीन स्वर्ण पदक
संवाद न्यूज एजेंसी आगरा। दीक्षांत समारोह में मथुरा की बेटी पूजा सोलंकी ने एमए (हिंदी) में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल परिवार, बल्कि पूरे मथुरा जनपद का गौरव बढ़ाया है।पूजा ने मथुरा के केआर पीजी कॉलेज से एमए किया। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए उन्हें महेंद्र जी स्मृति पदक (स्वर्ण), डॉ. इंदिरा शर्मा पदक (स्वर्ण) और बीपी श्रीवास्तव पदक (स्वर्ण) से सम्मानित किया गया।पूजा बताती हैं कि उनका लक्ष्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देना है। वह प्रोफेसर बनकर नई पीढ़ी को हिंदी भाषा और साहित्य से जोड़कर हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए कार्य करना चाहती हैं। उनका मानना है कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, संवेदनाओं और विरासत की पहचान है। यदि युवाओं को हिंदी साहित्य से जोड़ा जाए तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed