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Agra News: गणगौर मेले में दिखा भक्ति, परंपरा और उल्लास का संगम; शोभायात्रा बनी आकर्षण का केंद्र

संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Arun Parashar Updated Mon, 23 Mar 2026 01:33 PM IST
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सार

गणगाैर मेला में भव्य शोभायात्रा में सजे-धजे ईसर-गौरा के 32 जोड़े आकर्षण का केंद्र रहे। पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने सिर पर जोड़ों को धारण कर श्रद्धा का अनुपम दृश्य प्रस्तुत किया। गोकुलपुरा, कंसगेट, अशोक नगर, राजा मंडी और मंशा देवी क्षेत्र की गलियों से गुजरती यह शोभायात्रा हर किसी के लिए आस्था का अद्भुत अनुभव बन गई।
 

Gangaour Fair Organized in Agra
गणगाैर मेला। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

आगरा के ऐतिहासिक एवं प्राचीन गोकुलपुरा गणगौर मेले में दूसरे दिन भक्ति, परंपरा और उल्लास का संगम दिखा। सांस्कृतिक वैभव की अद्भुत छटा के बीच भव्य समापन किया गया। मोती कटरा स्थित गणगौर मेले में भी श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा। दोनों आयोजनों ने आगरा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपराओं को जीवंत बनाया।
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गोकुलपुरा मेले के दूसरे दिन कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने दीप प्रज्वलन कर किया। उन्होंने कहा कि यह प्राचीन गणगौर मेला केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी आस्था, समर्पण और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह समाज को एक सूत्र में बांधता है।
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रात में निकाली गई भव्य शोभायात्रा में सजे-धजे ईसर-गौरा के 32 जोड़े आकर्षण का केंद्र रहे। पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने सिर पर जोड़ों को धारण कर श्रद्धा का अनुपम दृश्य प्रस्तुत किया। गोकुलपुरा, कंसगेट, अशोक नगर, राजा मंडी और मंशा देवी क्षेत्र की गलियों से गुजरती यह शोभायात्रा हर किसी के लिए आस्था का अद्भुत अनुभव बन गई।

सांस्कृतिक संध्या में भजन-कीर्तन, लोकगीत, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कलाकारों ने ब्रज संस्कृति और गणगौर पर्व की महिमा को सजीव किया। रात में भस्मासुर दहन के साथ दो दिवसीय मेले का समापन हुआ। मेला अध्यक्ष मनीष वर्मा, महामंत्री नरेंद्र वर्मा और मेला प्रभारी ललित शर्मा ने श्रद्धालुओं एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इन दो दिनों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। 300 से अधिक स्टॉल, झूले, भव्य सजावट और रोशनी ने पूरे क्षेत्र को उत्सव में बदल दिया। घर-घर सजे गौरा-पार्वती के स्वरूपों ने मेले की भव्यता को और बढ़ाया। मीडिया प्रभारी अमन वर्मा के अनुसार यह मेला केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का माध्यम भी है। हर साल बड़ी संख्या में युवा इस आयोजन से जुड़कर अपनी परंपराओं को समझने और आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।


 

आरती कर भाव विभोर हो उठे श्रद्धालु
वहीं मोती कटरा बड़ा सेव चौराहा पर आयोजित गणगौर मेले में भी श्रद्धालु उमड़े। आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि गणगौर मेला आगरा की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आगरा महावर वैश्य सभा की ओर से भव्य आरती एवं 56 भोग के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। सभाध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि क्षेत्र में 15 ईसर-गौरा के जोड़ों को आकर्षक पोशाक एवं आभूषणों से सजाया गया। मंत्री शरण गुप्ता और कोषाध्यक्ष प्रकाश गुप्ता ने बताया कि बैंड-बाजों के साथ निकाली गई शोभायात्रा में सुसज्जित ईसर-गौरा के जोड़ों को पारंपरिक रूप से प्राचीन कुएं पर जल पिलाने ले जाया गया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। 

इन्होंने संभाली व्यवस्था
गोकुलपुरा मेला कमेटी के अध्यक्ष मनीष वर्मा, महामंत्री नरेंद्र वर्मा, मुख्य संरक्षक पंडित दिनेश चंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष गोविंद वर्मा, मेला प्रभारी ललित शर्मा, संयोजक नरेश करेरा, संरक्षक महेश चंद्र शर्मा, रमेश चंद्र वर्मा, सह संयोजक ओमप्रकाश वर्मा, उपाध्यक्ष राजीव वर्मा, विष्णु वर्मा, प्रदीप गुप्ता, दीपक वर्मा, विजय वर्मा, गिरीश वर्मा, गोपाल वर्मा, शुभम वर्मा, अनिल यादव, नरेश वर्मा, सहमंत्री अभिषेक जैन, पंकज यादव आदि ने व्यवस्थाएं संभाली।
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