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UP: डूब क्षेत्र में फंसी ग्रेटर आगरा योजना! 23 हेक्टेयर में नहीं होगा निर्माण, एडीए बदलेगा लेआउट
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 14 May 2026 09:57 AM IST
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सार
यमुना के डूब क्षेत्र में आने से ग्रेटर आगरा आवासीय योजना का 23 हेक्टेयर हिस्सा निर्माण से बाहर हो गया है। एडीए अब इस क्षेत्र को ग्रीन बेल्ट और वॉटर बॉडी के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रहा है।
यमुना का डूब क्षेत्र
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इनर रिंग रोड स्थित रायपुर और रहनकलां में विकसित हो रही ग्रेटर आगरा आवासीय योजना डूब क्षेत्र फंस सकती है। इसके 23 हेक्टेयर हिस्से में कोई निर्माण नहीं होगा। यहां बनने वाली दस में से दो टाउनशिप यमुना डूब क्षेत्र में शामिल हैं।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर सैटेलाइट के जरिए तय किए गए यमुना के डूब क्षेत्र में ग्रेटर आगरा का बड़ा हिस्सा आने के बाद अब आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) लीपापोती में जुट गया है। एडीए उपाध्यक्ष एम अरूनमोली का कहना है कि प्रभावित क्षेत्र में कोई भी कंक्रीट का निर्माण नहीं होगा, बल्कि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए यहां आकर्षक वॉटर बॉडीज (जलाशय) और हरित पट्टिका (ग्रीन बेल्ट) विकसित की जाएगी।
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यमुना के डूब क्षेत्र को लेकर एनजीटी सख्त है। इसी क्रम में असगरपुर से लेकर प्रयागराज तक सैटेलाइट के माध्यम से यमुना के डूब क्षेत्र के कोऑर्डिनेट्स तय किए गए थे। इन्हीं कोऑर्डिनेट्स के आधार पर इनर रिंग रोड स्थित ग्राम रायपुर और रहनकलां में विकसित हो रहे ग्रेटर आगरा का 23 हेक्टेयर क्षेत्र डूब क्षेत्र की जद में आ गया है।
एडीए उपाध्यक्ष ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि योजना के लेआउट में बदलाव कर प्रभावित 23 हेक्टेयर क्षेत्र को पूरी तरह से इको-फ्रेंडली रखा जाएगा। यहां निर्माण कार्य नहीं होंगे। इसके अलावा प्रदूषण व अन्य पर्यावरण मंजूरियां भी नहीं ली गई हैं। उपाध्यक्ष का कहना है कि विभिन्न विभागों से मंजूरियों के लिए आवेदन किए जा चुके हैं।