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जीएसटी की दर घटी, लेकिन बढ़ गई महंगाई: इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर रसोई तक सब हुआ महंगा, चौंका देंगे ये आंकड़े
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 13 Jun 2026 10:43 AM IST
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सार
जीएसटी दरों में कटौती के बावजूद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तुओं के दाम कम होने के बजाय बढ़ गए हैं। कारोबारियों का कहना है कि कच्चे माल की बढ़ती लागत, आयात महंगा होने और वैश्विक परिस्थितियों के कारण कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है।
आम आदमी पर महंगाई की चौतरफा मार
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
सरकार ने 22 सितंबर, 2025 को महंगाई पर लगाम लगाने के लिए कई वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती की, लोगों को लगा कि अब दाम कम हो जाएंगे। मगर सामान पहले के दामों से भी ज्यादा महंगे हो चुके हैं। रोजमर्रा के उपयोग की कई वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। हालांकि इसका असर अमेरिका-ईरान विवाद को भी माना जा रहा है।
संजय प्लेस वेलफेयर एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष विनय मित्तल ने बताया कि टीवी, फ्रिज, मॉनिटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दामों में कंपनी ने सभी उपकरणों पर 4000 से 5000 रुपये तक बढ़ा दिए हैं। 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत जीएसटी होने के बावजूद सभी इलेक्ट्रॉनिक सामानों के दामों में कोई कटौती नहीं हुई। पैकेजिंग सामग्री, प्लास्टिक, एल्यूमीनियम और अन्य कच्चे माल की लागत में वृद्धि का सीधा असर उत्पादों की कीमतों पर पड़ा है। रुपया कमजोर होने से आयातित पुर्जों और कच्चे माल की लागत भी बढ़ी है। बाजार में दूध, मक्खन, चाय, ब्रेड, जूस, डिटर्जेंट, साबुन, मसाले, चॉकलेट, फेस पाउडर और अन्य उपभोक्ता उत्पादों की कीमतें भी बढ़ गई हैं।
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| वस्तु | जीएसटी कटौती के समय कीमत (₹) | वर्तमान कीमत (₹) | बढ़ोतरी (₹) / बदलाव |
|---|
| कंडेंस्ड मिल्क (100 ग्राम) | 40 | 42 | +2 |
| चेडर चीज (1 किग्रा) | 630 | 650 | +20 |
| मामरा बादाम (1 किग्रा) | 2500 | 3500 | +1000 |
| बादाम (1 किग्रा) | 799 | 900 | +101 |
| मक्खन (500 ग्राम) | 285 | 295 | +10 |
| 1 लीटर पानी की बोतल | 14 | 20 | +6 |
| कंडेंस्ड मिल्क (380 ग्राम) | 135 | 149 | +14 |
| फेस पाउडर (400 ग्राम) | 329 | 455 | +126 |
| टैल्कम पाउडर (300 ग्राम) | 177.11 | 210 | +32.89 |
| चॉकलेट | 103 (60 ग्राम) | 98 (51 ग्राम) | कीमत घटी, लेकिन वजन 9 ग्राम कम |
इलेक्ट्रॉनिक सामानों की कीमतों की तुलना
| वस्तु | जीएसटी कटौती के समय कीमत (₹) | वर्तमान कीमत (₹) | बढ़ोतरी (₹) |
|---|---|---|---|
| एसी (1.5 टन) | 35,227 | 39,765 | +4,538 |
| डिशवॉशर | 44,000 | 47,590 | +3,590 |
| 55 इंच टीवी (सैमसंग) | 44,000 | 44,000 | 0 |
महंगाई पर केवल टैक्स का असर नहीं
विभाग प्रभारी अर्थशास्त्र डॉ. दीपा रावत ने बताया कि महंगाई बढ़ने में केवल टैक्स का असर नहीं होता है। कई कारण होते हैं। फिलहाल कच्चा माल मंगवाने में काफी दिक्कत है। यदि कच्चे तेल और कच्चे माल की कीमतों में तेजी लंबे समय तक बनी रहती है तो महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है। सीधा असर आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर पड़ेगा। नमक की थैली से लेकर चाय पत्ती तक दाम बढ़ेंगे। अमेरिका-ईरान विवाद और व्यापार की धीमी गति के कारण अभी पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
विभाग प्रभारी अर्थशास्त्र डॉ. दीपा रावत ने बताया कि महंगाई बढ़ने में केवल टैक्स का असर नहीं होता है। कई कारण होते हैं। फिलहाल कच्चा माल मंगवाने में काफी दिक्कत है। यदि कच्चे तेल और कच्चे माल की कीमतों में तेजी लंबे समय तक बनी रहती है तो महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है। सीधा असर आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर पड़ेगा। नमक की थैली से लेकर चाय पत्ती तक दाम बढ़ेंगे। अमेरिका-ईरान विवाद और व्यापार की धीमी गति के कारण अभी पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
आगरा स्वीट्स एंड मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन (सदस्य) शिशिर भगत का कहना है कि कंपनियों ने लगभग सभी सामानों के दाम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। यदि किसी खाने-पीने की चीजों पर दाम नहीं बढ़ाए तो उनका वजन कम कर दे रहे हैं। पहले 60 ग्राम की चॉकलेट 110 रुपये की थी अब 98 रुपये की लेकिन चॉकलेट का वजन 51 ग्राम कर दिया है। ऐसे ही कॉफी बिस्किट, नमकीन, आइसक्रीम आदि पर जीएसटी 12 प्रतिशत व 18 प्रतिशत से कम होकर 5 प्रतिशत हो गई लेकिन दाम पर अंतर नहीं आया।