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आगरा में तीन घंटे तांडव: तोड़फोड़ और पथराव, 11 पुलिसकर्मी घायल, युवक की मौत पर फूटा गुस्सा; बवाल की पूरी कहानी
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 16 Jun 2026 12:50 PM IST
सार
आगरा के फतेहाबाद के पूठपुरा गांव के पास थार की टक्कर से 22 वर्षीय मनीष की मौत के बाद ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और जमकर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस पर पथराव हुआ, जिसमें इंस्पेक्टर समेत 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि कई घंटे तक यातायात बाधित रहा।
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आगरा में तीन घंटे तांडव
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के फतेहाबाद में फिरोजाबाद मार्ग पर पूठपुरा गांव के पास सोमवार को थार कार की टक्कर से बाइक सवार मनीष (22) की मौत होने पर जमकर बवाल हुआ। कार ने कई और वाहनों को भी चपेट में लिया था। गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। कार में तोड़फोड़ की। पहुंचे मत्स्य मंत्री के समझाने पर भी नहीं माने। मंत्री के जाते ही जैसे पुलिस ने उन्हें हटाना चाहा लोगों ने पथराव कर दिया। बिना तैयारी के पहुंचे पुलिसकर्मी इधर-उधर भागे। पथराव में एक इंस्पेक्टर, पांच दरोगा सहित 11 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। कई थानों की फोर्स ने आकर मोर्चा संभाला। चार संदिग्ध हिरासत में लिए गए हैं।
थार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गाड़ी में आग लगाना चाहते थे ग्रामीण
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी उन्हें रोकने की हिम्मत नहीं कर सके। ग्रामीण गाड़ी में आग लगाना चाहते थे। पुलिस ने बल प्रयोग करने का प्रयास किया तो आक्रोशित लोगों ने ईंट-पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। उस समय पुलिसकर्मियों के पास बचने का कोई भी साधन नहीं था। पत्थर लगने पर पुलिसकर्मी सड़क पर भागने लगे। गाड़ियों के साथ सड़क पर तकरीबन आधा किलोमीटर तक दौड़ लगाई। कई कर्मियों को पीछे से पत्थर लगे। 15 मिनट बाद पुलिस फिर से आई। लाठीचार्ज करने के बाद लोगों को वहां से दौड़ा लिया। पथराव में फतेहाबाद इंस्पेक्टर की गाड़ी का शीशा भी टूट गया। 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए। बाद में अपर पुलिस आयुक्त भी पहुंच गए।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी उन्हें रोकने की हिम्मत नहीं कर सके। ग्रामीण गाड़ी में आग लगाना चाहते थे। पुलिस ने बल प्रयोग करने का प्रयास किया तो आक्रोशित लोगों ने ईंट-पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। उस समय पुलिसकर्मियों के पास बचने का कोई भी साधन नहीं था। पत्थर लगने पर पुलिसकर्मी सड़क पर भागने लगे। गाड़ियों के साथ सड़क पर तकरीबन आधा किलोमीटर तक दौड़ लगाई। कई कर्मियों को पीछे से पत्थर लगे। 15 मिनट बाद पुलिस फिर से आई। लाठीचार्ज करने के बाद लोगों को वहां से दौड़ा लिया। पथराव में फतेहाबाद इंस्पेक्टर की गाड़ी का शीशा भी टूट गया। 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए। बाद में अपर पुलिस आयुक्त भी पहुंच गए।
आगरा बवाल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मृतक मनीष की पांच माह पूर्व हुई थी शादी
पूठपुरा के पास हुई सड़क दुर्घटना में खासपुर, बहादुरपुर, दयालबाग, आगरा निवासी मनीष पुत्र सामलिया की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मनीष की फरवरी माह में फिरोजाबाद के गढी तिवारी से शादी हुई थी। वह कपड़े की दुकान पर नौकरी करता था। दो बड़े भाई राजवीर व गौरव टेंपो चलाते हैं। मृतक का अपनी ससुराल से फतेहाबाद के गांव पिन्नापुरा में बुआ के लड़के दशरथ की लगन टीका में शामिल होने के लिए आया था। तभी दुर्घटना हो गई। पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। शादी वाले घर में भी मातम छा गया। वहीं, हादसे में स्कूटर सवार सुभाष पुत्र जवाहर सिह निवासी पूठपुरा, विवेक पुत्र राजकुमार निवासी नगला डरुआ, फिरोजाबाद, कालू पुत्र छोटेलाल निवासी बरना, फतेहाबाद भी घायल हो गए।
पूठपुरा के पास हुई सड़क दुर्घटना में खासपुर, बहादुरपुर, दयालबाग, आगरा निवासी मनीष पुत्र सामलिया की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मनीष की फरवरी माह में फिरोजाबाद के गढी तिवारी से शादी हुई थी। वह कपड़े की दुकान पर नौकरी करता था। दो बड़े भाई राजवीर व गौरव टेंपो चलाते हैं। मृतक का अपनी ससुराल से फतेहाबाद के गांव पिन्नापुरा में बुआ के लड़के दशरथ की लगन टीका में शामिल होने के लिए आया था। तभी दुर्घटना हो गई। पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। शादी वाले घर में भी मातम छा गया। वहीं, हादसे में स्कूटर सवार सुभाष पुत्र जवाहर सिह निवासी पूठपुरा, विवेक पुत्र राजकुमार निवासी नगला डरुआ, फिरोजाबाद, कालू पुत्र छोटेलाल निवासी बरना, फतेहाबाद भी घायल हो गए।
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आगरा बवाल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नहीं था हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्टर
सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद हुए बवाल और पथराव में 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि पुलिस टीम दंगा नियंत्रण उपकरणों, हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्टर से लैस होती तो घायल होने वालों की संख्या कम हो सकती थी। ग्रामीण शव रखकर हंगामा कर रहे थे। वह जाम खोलने को तैयार भी नहीं थे।
सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद हुए बवाल और पथराव में 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि पुलिस टीम दंगा नियंत्रण उपकरणों, हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्टर से लैस होती तो घायल होने वालों की संख्या कम हो सकती थी। ग्रामीण शव रखकर हंगामा कर रहे थे। वह जाम खोलने को तैयार भी नहीं थे।
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आगरा बवाल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गुस्सा न भांप सके अधिकारी
इसके बावजूद अधिकारी उनका गुस्सा भांप नहीं सके। करीब दो घंटे तक जाम नहीं खुलने पर कई थानों की पुलिस और एसीपी इमरान अहमद मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा था, तभी अचानक विवाद बढ़ गया और पुलिस पर पथराव शुरू हो गया।
इसके बावजूद अधिकारी उनका गुस्सा भांप नहीं सके। करीब दो घंटे तक जाम नहीं खुलने पर कई थानों की पुलिस और एसीपी इमरान अहमद मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा था, तभी अचानक विवाद बढ़ गया और पुलिस पर पथराव शुरू हो गया।