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UP: भगवान श्रीकृष्ण ने क्यों हांका अर्जुन का रथ, जया किशोरी ने समझाई निस्वार्थ प्रेम की कथा; भजनों पर झूमे लोग
Thu, 30 Jul 2026 09:57 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 30 Jul 2026 09:57 AM IST
सार
आगरा के फतेहाबाद रोड पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन जया किशोरी ने निस्वार्थ प्रेम को ईश्वर तक पहुंचने का सबसे बड़ा मार्ग बताया। कथा विश्राम के बाद भजनों के बीच श्रद्धालुओं ने उन्हें भावुक विदाई दी।
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जया किशोरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के फतेहाबाद रोड के राजदेवम गार्डन में श्रीश्याम परिवार सेवा ट्रस्ट की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का बुधवार को भावुक माहौल में विश्राम हुआ। कथा के अंतिम दिन कथावाचक जया किशोरी ने निस्वार्थ प्रेम की महिमा सुनाई। उन्होंने कहा कि किसी भी रिश्ते में यदि स्वार्थ है तो वह व्यर्थ है।
जया किशोरी ने कहा कि निस्वार्थ प्रेम की ताकत ही है कि संपूर्ण सृष्टि को चलाने वाले भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी ठकुराई भूलकर अर्जुन का रथ हांका और दुर्योधन की मेवा छोड़कर विदुर के घर साग खाया। सबसे ऊंची प्रेम सगाई... भजन के माध्यम से उन्होंने कहा कि ईश्वर की भक्ति केवल छल-कपट रहित निस्वार्थ प्रेम से ही संभव है।
भजनों पर झूमे, नम आंखों से दी विदाई
अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो..., मीठे रस से भरियो री राधा रानी लागे... और मोहन आवो तो सही... जैसे भजनों पर पंडाल में उपस्थित हजारों श्रद्धालु झूम उठे। कथा विश्राम के बाद जब जया किशोरी विदा होने लगीं तो श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। इस दौरान बाबू रोशनलाल गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, राधा गुप्ता, विकास मांगलिक, जयश्री मांगलिक, अनिल गुप्ता, विनीत मांगलिक, ऋषिक मांगलिक, अर्पित गुप्ता, विपिन गुप्ता, अंजू मांगलिक, तनु मांगलिक, रेखा गुप्ता आदि मौजूद रहीं।
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जया किशोरी ने कहा कि निस्वार्थ प्रेम की ताकत ही है कि संपूर्ण सृष्टि को चलाने वाले भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी ठकुराई भूलकर अर्जुन का रथ हांका और दुर्योधन की मेवा छोड़कर विदुर के घर साग खाया। सबसे ऊंची प्रेम सगाई... भजन के माध्यम से उन्होंने कहा कि ईश्वर की भक्ति केवल छल-कपट रहित निस्वार्थ प्रेम से ही संभव है।
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भजनों पर झूमे, नम आंखों से दी विदाई
अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो..., मीठे रस से भरियो री राधा रानी लागे... और मोहन आवो तो सही... जैसे भजनों पर पंडाल में उपस्थित हजारों श्रद्धालु झूम उठे। कथा विश्राम के बाद जब जया किशोरी विदा होने लगीं तो श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। इस दौरान बाबू रोशनलाल गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, राधा गुप्ता, विकास मांगलिक, जयश्री मांगलिक, अनिल गुप्ता, विनीत मांगलिक, ऋषिक मांगलिक, अर्पित गुप्ता, विपिन गुप्ता, अंजू मांगलिक, तनु मांगलिक, रेखा गुप्ता आदि मौजूद रहीं।
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