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UP: रुपयों के विवाद में युवक की हत्या, 17 साल बाद मिला इंसाफ; दोषी को उम्रकैद की हुई सजा

Tue, 14 Jul 2026 10:19 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Tue, 14 Jul 2026 10:19 AM IST
सार

आगरा के जगदीशपुरा में 2008 में रुपयों के विवाद में युवक की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी सुनील उर्फ मटका को उम्रकैद और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मुकदमे की विवेचना तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक और बाद में आईजी बने अब्दुल हमीद ने की थी।

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Life Imprisonment Awarded in 2008 Murder Case Over Money Dispute in Agra
court new - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में रुपयों के विवाद में लोहे की रॉड से हमला कर युवक की हत्या और दलित उत्पीड़न के मामले में अदालत ने थाना जगदीशपुरा क्षेत्र के किशोरपुरा निवासी सुनील उर्फ मटका को दोषी पाया है। विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट शिव कुमार ने मटका को उम्रकैद के साथ 40 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुना दी।
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थाना जगदीशपुरा में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, सुभाष पुरम निवासी जानकी प्रसाद ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनका भाई पप्पू उर्फ नन्नू शराब का सेवन करता था और वह किशोरपुरा निवासी राजू के साथ रहता था। दोनों वेल्डिंग का काम करते थे। 28 अक्तूबर को दिवाली पूजन के बाद राजू, नन्नू व अन्य ने शराब पी। उस दौरान रुपयों के लेन-देन को लेकर उनमें विवाद हुआ।
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गुस्से में राजू ने नन्नू के सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। भाई को इलाज के अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने राजू उर्फ राजेंद्र व अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना में आरोपी सुनील उर्फ मटका का नाम प्रकाश में आया। विवेचक ने 22 नवंबर 2008 को राजू उर्फ राजेंद्र और सुनील उर्फ मटका के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।

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मुकदमे के विचारण के दौरान आरोपी राजू की मौत हो गई। अदालत ने उसकी पत्रावली बंद कर दी। उक्त मामले की विवेचना तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद ने की। बाद में आईजी जोन के पद पर पदोन्नत होने के बाद अदालत में गवाही दर्ज कराई।

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