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UP: ताजमहल, आगरा किला और सीकरी के 5 किमी दायरे में पेड़ कटाई के नए नियम, पढ़ लें ये पूरी रिपोर्ट
Tue, 14 Jul 2026 09:16 AM IST
Dhirendra Singh
अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 14 Jul 2026 09:16 AM IST
सार
सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल कर आगरा किला और फतेहपुर सीकरी के पांच किलोमीटर दायरे में पेड़ों की कटाई और छंटाई पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में पर्यावरण और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए सख्त नियम लागू करने की बात कही गई है।
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ताजमहल, आगरा किला और सीकरी के 5 किमी दायरे में पेड़ कटाई के नए नियम
- फोटो : AI
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विस्तार
ताजमहल के बाद आगरा किला और फतेहपुर सीकरी के 5 किमी. दायरे में पेड़ नहीं काटे जा सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट में सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दाखिल की है, जिसमें किला और फतेहपुर सीकरी में भी पेड़ों की कटाई और छंटाई पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल एक मई को अपने आदेश में ताजमहल की 5 किमी. हवाई दूरी तक पेड़ों की छंटाई और कटाई पर रोक लगा दी थी। किला और सीकरी के लिए कोर्ट ने सीईसी से रिपोर्ट मांगी थी, जो अब दाखिल की गई है।
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सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान याचिका 08/2026 में सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी के सदस्य सचिव सतीश गरकोटी ने कोर्ट को कई सिफारिशें की हैं। इनमें कहा गया है कि डीएफओ पेड़ों की कटाई और छंटाई की अनुमति तब देंगे, जब गंभीर या तत्काल आवश्यकता हो। तुरंत कटाई न करने पर मानव जीवन की हानि की आशंका हो। डीएफओ और सीईसी अगर अनुमति दे देते हैं तो अनुमति देने के 15 दिनों के अंदर सुप्रीम कोर्ट में विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। इसमें छंटाई व कटाई से पहले और बाद की तस्वीरें अपलोड करनी होंगी।
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केवल ताज नहीं, किले और सीकरी का भी संरक्षण
सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी ने रिपोर्ट में कहा है कि ताज ट्रेपेजियम जोन में केवल ताज नहीं, बल्कि किला और फतेहपुर सीकरी का भी पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत संरक्षित करनी है। इन स्मारकों के पास अंधाधुंध कटाई से पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इससे धूल का स्तर बढ़ सकता है, तो तापमान भी बढ़ने के आसार हैं। एयर क्वालिटी खराब होगी और मिट्टी का कटाव शुरू हो सकता है। केवल कुछ मामलों में, जिनमें सार्वजनिक अवसंरचना परियोजनाओं, सार्वजनिक सुरक्षा, नागरिक सेवाओं के लिए काटने की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए पारदर्शी, वैज्ञानिक और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाए। सीईसी की 5 किमी. दूरी तक पेड़ों की कटाई पर रोक से इन स्मारकों के पास कई योजनाओं पर रोक लग सकती है।
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केवल ताज नहीं, किले और सीकरी का भी संरक्षण
सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी ने रिपोर्ट में कहा है कि ताज ट्रेपेजियम जोन में केवल ताज नहीं, बल्कि किला और फतेहपुर सीकरी का भी पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत संरक्षित करनी है। इन स्मारकों के पास अंधाधुंध कटाई से पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इससे धूल का स्तर बढ़ सकता है, तो तापमान भी बढ़ने के आसार हैं। एयर क्वालिटी खराब होगी और मिट्टी का कटाव शुरू हो सकता है। केवल कुछ मामलों में, जिनमें सार्वजनिक अवसंरचना परियोजनाओं, सार्वजनिक सुरक्षा, नागरिक सेवाओं के लिए काटने की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए पारदर्शी, वैज्ञानिक और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाए। सीईसी की 5 किमी. दूरी तक पेड़ों की कटाई पर रोक से इन स्मारकों के पास कई योजनाओं पर रोक लग सकती है।
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