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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Why Does Desi Ghee Cost Between 300 and 2,000 Per Kg Here’s the Difference

UP: देसी घी खरीदने से पहले पढ़ लें यह खबर, पूजा वाले और खाने वाले घी की कीमतों में क्यों है इतना फर्क?

Tue, 14 Jul 2026 09:55 AM IST
Dhirendra Singh सलोनी पांडे, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
सलोनी पांडे, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Tue, 14 Jul 2026 09:55 AM IST
सार

बाजार में 300 रुपये से लेकर 2,000 रुपये किलो तक बिक रहे देसी घी की कीमत उसके उपयोग और गुणवत्ता पर निर्भर करती है। पूजा वाले घी में रिफाइंड और एसेंस मिलाया जाता है, जबकि लोनी वाले शुद्ध घी की कीमत अधिक दूध और पारंपरिक निर्माण प्रक्रिया के कारण ज्यादा होती है।

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Why Does Desi Ghee Cost Between 300 and 2,000 Per Kg Here’s the Difference
देसी घी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

नाम एक…देसी घी, लेकिन कीमत में जमीन-आसमान का अंतर। बाजार में कहीं 300 रुपये किलो में घी मिल रहा है तो कहीं 650, 1,500 और 2,000 रुपये किलो तक बिक रहा है। ग्राहक के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर देसी घी के इन अलग-अलग दामों की वजह क्या है।
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शहर के बाजारों में पड़ताल की गई तो सामने आया कि 300 रुपये किलो वाला घी पूजा वाले घी के नाम से बेचा जा रहा है। इस घी का इस्तेमाल पूजा-पाठ के लिए किया जाता है, जबकि खाने वाले घी की कीमत इससे काफी अधिक है। शहर में आपको देसी घी भैंस का हो या गाय का 650 रुपये से लेकर 800 रुपये मिल जाएगा। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भैंस के दूध से निर्मित लोनी वाला घी 1,500 रुपये किलो व गाय के दूध से निर्मित लोनी वाला घी 2,000 रुपये किलो बिक रहा है। 
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ऐसे बनता है लोनी वाला घी
लोनी वाला घी या नूनी घी दही या मलाई को मथकर निकाले गए ताजे और कच्चे मक्खन से बनता है। यह औषधीय गुणों से भरपूर और खाने में बेहद स्वादिष्ट होता है। इसे अक्सर रोटी पर लगाकर या दाल में सीधे डालकर खाया जाता है। इसे बनाने में दूध काफी अधिक मात्रा में लगता है। इसी वजह से इसकी कीमत अधिक होती है।

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पूजा की थाली का घी रसोई के लिए नहीं
देसी घी एसोसिएशन के महामंत्री सुदेश अग्रवाल का कहना है कि पूजा वाला घी धार्मिक कार्यों के लिए तैयार किया जाता है। इसमें रिफाइंड तेल और एसेंस का इस्तेमाल किया जाता है। इसका उद्देश्य दीपक जलाना होता है, न कि भोजन बनाना। पूजा वाले एक किलो घी में नाम मात्र करीब पांच ग्राम ही घी होता है। खाने के लिए बेहतर गुणवत्ता वाला घी 650 से 700 रुपये किलो के बीच मिल जाता है।

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15 किलो दूध से निकलता है सिर्फ 1 किलो घी
अछनेरा के दूध विक्रेता विशाल शर्मा ने  बताया कि घी की कीमत के पीछे सबसे बड़ी वजह दूध की लागत है। करीब 15 किलो भैंस के दूध से लगभग एक किलो घी निकलता है। गाय के दूध में फैट कम होने के कारण एक किलो घी बनाने में और अधिक दूध की जरूरत पड़ती है। यही कारण है कि गांवों में भैंस के दूध का शुद्ध घी करीब 1,500 रुपये किलो और देसी गाय के दूध का घी करीब 2,000 रुपये किलो तक पहुंच जाता है। 

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सस्ता घी खरीदने से पहले जरूर सोचें
 खाद्य सुरक्षा आयुक्त द्वितीय महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि आज के समय में नकली घी व असली घी में अंतर करना मुश्किल है, लेकिन घी खरीदते समय सिर्फ कीमत नहीं देखें। पैकेट पर यह जरूर जांचें कि वह खाने योग्य है या केवल पूजा के लिए। एफएसएसएआई लाइसेंस, सामग्री और निर्माता की जानकारी देखकर ही खरीदारी करें। यदि नकली घी कोई बेच रहा हो तो आप टोल फ्री नंबर 18001805533 पर कॉल कर सकते हैं।

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स्वस्थ महिला-पुरुषों के लिए 25-30 ग्राम वसा जरूरी
एसएन मेडिकल काॅलेज की डायटीशियन मिनी शर्मा ने बताया कि स्वस्थ महिलाओं के लिए 2,200 कैलोरी और पुरुषों के लिए 2,400 कैलोरी का भोजन प्रतिदिन जरूरी है। शरीर की ऊर्जा के लिए वसा की भी आवश्यकता होती है। स्वस्थ महिला-पुरुष को पूरे दिन में 25-30 ग्राम वसा का उपयोग करना चाहिए। इसमें 10-15 ग्राम अच्छा वसा यानी शुद्ध देसी घी और बाकी सरसों का तेल, वनस्पति तेल समेत अन्य तेल हो सकते हैं। वसा हार्मोंस बनाने और विटामिन को अवशोषित करने के लिए जरूरी है।

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