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UP: मथुरा-वृंदावन, अयोध्या, काशी, आगरा को बनाएं वेडिंग सिटी, सीएम योगी से मिले कारोबारी; ये सुझाव दिए गए
Tue, 04 Aug 2026 11:17 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 04 Aug 2026 11:17 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने और आगरा, अयोध्या व काशी समेत आठ शहरों को ‘वेडिंग सिटी’ का दर्जा देने की मांग उठी है। वेडिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर ‘वेड इन यूपी’ अभियान शुरू करने समेत कई सुझाव दिए हैं।
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सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वैश्विक पटल पर उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा वेडिंग डेस्टिनेशन और अयोध्या, काशी, आगरा को वेडिंग सिटी घोषित की मांग तेज हो गई है। सोमवार को वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। प्रदेश में वेड इन यूपी अभियान शुरू करने की मांग रखी।
उत्तर प्रदेश वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को सौंपे मांगपत्र में 3.5 से 5 लाख करोड़ रुपये वाले वेडिंग उद्योग का हवाला देते हुए कहा कि अगर राज्य सरकार कुछ नीतिगत बदलाव करे, तो प्रदेश दुनिया का सबसे पसंदीदा वेडिंग डेस्टिनेशन बन सकता है।
संगठन ने बनारस, प्रयागराज, मथुरा-वृंदावन, आगरा, अयोध्या, लखनऊ, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को वेडिंग सिटी का दर्जा देने की मांग की है। सुझाव दिया गया है कि हर जिले में कम से कम पांच श्रेणीगत वैवाहिक स्थल और मल्टी-परपज कन्वेंशन सेंटर बनाए जाएं। साथ ही, देश-विदेश के प्लानर्स को आकर्षित करने के लिए हर साल यूपी वेडिंग एक्स-पो एवं कॉन्क्लेव आयोजित करने की सलाह दी गई है।
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ओडीओपी और हेरिटेज पर्यटन का समावेश
स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए एक अनूठी मांग रखी गई है। एसोसिएशन ने इंटरनेशनल ट्रेड शो में यूपी वेडिंग डेस्टिनेशन का विशेष पवेलियन बने और वेडिंग विद ओडीओपी के तहत बनारसी साड़ी, लखनवी चिकन और मुरादाबादी पीतल जैसे उत्पादों को शादियों की थीम का हिस्सा बनाया जाए। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के ऐतिहासिक महलों और हवेलियों को पीपीपी मॉडल पर देकर हेरिटेज वेडिंग की अनुमति देने का भी आग्रह किया।
वर्तमान में वेडिंग लॉन्स और बैंकेट हॉल को भवन मानचित्र स्वीकृति में आ रही दिक्कतों को देखते हुए, इन्हें अस्थायी संरचना की श्रेणी में रखने या इवेंट आधारित अनुमति प्रणाली लागू करने का सुझाव दिया गया है। राजस्थान और हरियाणा की तर्ज पर पर्यटन नीति के तहत ईडीसी माफ करने और जीएसटी में रियायत देने की भी मांग की गई है।
हवाई कनेक्टिविटी और सुरक्षा व्यवस्था
डेस्टिनेशन वेडिंग को सफल बनाने के लिए कोलकाता, सूरत और गोवा जैसे शहरों से आगरा, वाराणसी और प्रयागराज तक सीधी उड़ानें शुरू करने की आवश्यकता जताई गई है। साथ ही, वैवाहिक सीजन के दौरान रात्रिकालीन आयोजन की अनुमति और विशेष ट्रैफिक व पुलिस व्यवस्था की मांग भी की गई है। संगठन का दावा है कि इन कदमों से न केवल प्रदेश में हजारों करोड़ का निवेश आएगा, बल्कि प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लाखों युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
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उत्तर प्रदेश वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को सौंपे मांगपत्र में 3.5 से 5 लाख करोड़ रुपये वाले वेडिंग उद्योग का हवाला देते हुए कहा कि अगर राज्य सरकार कुछ नीतिगत बदलाव करे, तो प्रदेश दुनिया का सबसे पसंदीदा वेडिंग डेस्टिनेशन बन सकता है।
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संगठन ने बनारस, प्रयागराज, मथुरा-वृंदावन, आगरा, अयोध्या, लखनऊ, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को वेडिंग सिटी का दर्जा देने की मांग की है। सुझाव दिया गया है कि हर जिले में कम से कम पांच श्रेणीगत वैवाहिक स्थल और मल्टी-परपज कन्वेंशन सेंटर बनाए जाएं। साथ ही, देश-विदेश के प्लानर्स को आकर्षित करने के लिए हर साल यूपी वेडिंग एक्स-पो एवं कॉन्क्लेव आयोजित करने की सलाह दी गई है।
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ओडीओपी और हेरिटेज पर्यटन का समावेश
स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए एक अनूठी मांग रखी गई है। एसोसिएशन ने इंटरनेशनल ट्रेड शो में यूपी वेडिंग डेस्टिनेशन का विशेष पवेलियन बने और वेडिंग विद ओडीओपी के तहत बनारसी साड़ी, लखनवी चिकन और मुरादाबादी पीतल जैसे उत्पादों को शादियों की थीम का हिस्सा बनाया जाए। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के ऐतिहासिक महलों और हवेलियों को पीपीपी मॉडल पर देकर हेरिटेज वेडिंग की अनुमति देने का भी आग्रह किया।
वर्तमान में वेडिंग लॉन्स और बैंकेट हॉल को भवन मानचित्र स्वीकृति में आ रही दिक्कतों को देखते हुए, इन्हें अस्थायी संरचना की श्रेणी में रखने या इवेंट आधारित अनुमति प्रणाली लागू करने का सुझाव दिया गया है। राजस्थान और हरियाणा की तर्ज पर पर्यटन नीति के तहत ईडीसी माफ करने और जीएसटी में रियायत देने की भी मांग की गई है।
हवाई कनेक्टिविटी और सुरक्षा व्यवस्था
डेस्टिनेशन वेडिंग को सफल बनाने के लिए कोलकाता, सूरत और गोवा जैसे शहरों से आगरा, वाराणसी और प्रयागराज तक सीधी उड़ानें शुरू करने की आवश्यकता जताई गई है। साथ ही, वैवाहिक सीजन के दौरान रात्रिकालीन आयोजन की अनुमति और विशेष ट्रैफिक व पुलिस व्यवस्था की मांग भी की गई है। संगठन का दावा है कि इन कदमों से न केवल प्रदेश में हजारों करोड़ का निवेश आएगा, बल्कि प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लाखों युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।