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Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी पर तीन शुभ योगों का महासंयोग, जानें सही तिथि और पूजा मुहूर्त
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 22 Jun 2026 10:15 AM IST
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सार
निर्जला एकादशी 25 जून 2026 को रवि, शिव और सिद्ध योग के दुर्लभ संयोग में मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा और निर्जल व्रत रखने से वर्षभर की 24 एकादशियों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।
निर्जला एकादशी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी (25 जून) को तीन दुर्लभ योगों के संयोग में मनाई जाएगी। यह रवि, शिव और सिद्ध योग है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा और निर्जल व्रत रखने से वर्षभर की सभी 24 एकादशियों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।
ज्योतिषाचार्य वेद प्रकाश प्रचेता बताते हैं कि एकादशी तिथि 24 जून की शाम 6:14 बजे से शुरू होकर 25 जून की रात 8:10 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर व्रत और पूजा 25 जून को की जाएगी। संयोगवश इस दिन बृहस्पति भी पड़ रहा है, जो भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है।
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धार्मिक मान्यता के अनुसार निर्जला एकादशी को भीम एकादशी भी कहा जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार महाभारत काल में भीमसेन ने महर्षि वेदव्यास के कहने पर यह व्रत रखा था। तभी से यह व्रत भीम एकादशी के नाम से प्रसिद्ध हुआ। ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय का कहना है कि इन तीनों शुभ योगों में भगवान विष्णु व लक्ष्मी जी की पूजा, दान, जप और धार्मिक अनुष्ठान करने से विशेष पुण्य और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। इसके अलावा श्रीमद्भागवत गीता का पाठ पढ़ें।
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तीन शुभ योगों का विशेष संयोग
रवि योग: 25 जून सुबह 5:25 से शाम 4:29 बजे तक।
शिव योग: 24 जून सुबह 10:24 से 25 जून सुबह 10:54 बजे तक।
सिद्ध योग: 25 जून सुबह 10:55 से 26 जून सुबह 11:39 बजे तक।
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रवि योग: 25 जून सुबह 5:25 से शाम 4:29 बजे तक।
शिव योग: 24 जून सुबह 10:24 से 25 जून सुबह 10:54 बजे तक।
सिद्ध योग: 25 जून सुबह 10:55 से 26 जून सुबह 11:39 बजे तक।
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