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Holi 2024: पुष्य नक्षत्र के संयोग में मनेगी रंगभरनी एकादशी, इस दिन खरीदारी अत्यंत शुभ
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 17 Mar 2024 11:03 AM IST
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सार
रंगभरनी एकादशी का व्रत और पूजन श्रद्धालुओं को 12 महीने की एकादशी के समान फल देने वाला है। इस दिन स्नान, दान और व्रत से सहस्त्र गोदान के समान शुभ फल प्राप्त होता है।
रंगभरनी एकादशी
- फोटो : samvad
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विस्तार
मथुरा के कोसीकलां में रंगभरनी एकादशी 20 मार्च को मनाई जाएगी। इस दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग श्रद्धालुओं के लिए शुभकारी होगा। पुष्य नक्षत्र में खरीदारी अत्यंत शुभ मानी जाती है।
आचार्यों के अनुसार, रंगभरनी एकादशी का व्रत और पूजन श्रद्धालुओं को 12 महीने की एकादशी के समान फल देने वाला है। इस दिन स्नान, दान और व्रत से सहस्त्र गोदान के समान शुभ फल प्राप्त होता है। ज्योतिषाचार्य छैल बिहारी शास्त्री के अनुसार, फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी 19 मार्च को अर्धरात्रि 12:24 बजे लग रही है और 20 मार्च को अर्धरात्रि के पश्चात 2:42 बजे तक रहेगी। पुष्य नक्षत्र 19 मार्च को रात्रि 8:10 बजे से 20 मार्च को रात्रि 10:38 बजे तक रहेगा। इस एकादशी पर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस बार का एकादशी व्रत 20 मार्च को पुष्य नक्षत्र में रखा जाएगा। ये दिन खरीदारी के लिए भी अत्यंत शुभ है।
ऐसे करें पूजन
पंड़ित सुरेश गौड़ के अनुसार, रंगभरनी एकादशी के दिन स्नान कर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का संकल्प लें। इसके बाद भगवान शिव का जलाभिषेक करें और पार्वतीजी का सोलह शृंगार करें। शिवलिंग पर गुलाल, चंदन और बेलपत्र अर्पित करें। इसके बाद कथा और आरती कर विधि विधान से पूजा करें। भोग लगाकर पूजा का समापन करें और सुख-शांति की प्रार्थना करें।
उद्यमियों ने मनाया होली मिलन समारोह
कोटवन इंडस्ट्रियल एरिया में प्रशासनिक भवन पर कोसी-कोटवन इंडस्ट्रियल एसोसिएशन का होली मिलन समारोह मनाया गया। उद्यमियों की समस्याओं पर विचार के साथ एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दी गईं। एसोसिएसन अध्यक्ष ध्रुव कुमार पांचाल, उपाध्यक्ष चौधरी सुनील, विनोद कुमार शर्मा, अतुल मेहंदी, राजेश यादव, समर सिंह यादव, अजय पाल सिंह, दीपक जैन, मनोज बेनीवाल, राकेश बंसल आदि थे।
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आचार्यों के अनुसार, रंगभरनी एकादशी का व्रत और पूजन श्रद्धालुओं को 12 महीने की एकादशी के समान फल देने वाला है। इस दिन स्नान, दान और व्रत से सहस्त्र गोदान के समान शुभ फल प्राप्त होता है। ज्योतिषाचार्य छैल बिहारी शास्त्री के अनुसार, फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी 19 मार्च को अर्धरात्रि 12:24 बजे लग रही है और 20 मार्च को अर्धरात्रि के पश्चात 2:42 बजे तक रहेगी। पुष्य नक्षत्र 19 मार्च को रात्रि 8:10 बजे से 20 मार्च को रात्रि 10:38 बजे तक रहेगा। इस एकादशी पर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस बार का एकादशी व्रत 20 मार्च को पुष्य नक्षत्र में रखा जाएगा। ये दिन खरीदारी के लिए भी अत्यंत शुभ है।
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ऐसे करें पूजन
पंड़ित सुरेश गौड़ के अनुसार, रंगभरनी एकादशी के दिन स्नान कर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का संकल्प लें। इसके बाद भगवान शिव का जलाभिषेक करें और पार्वतीजी का सोलह शृंगार करें। शिवलिंग पर गुलाल, चंदन और बेलपत्र अर्पित करें। इसके बाद कथा और आरती कर विधि विधान से पूजा करें। भोग लगाकर पूजा का समापन करें और सुख-शांति की प्रार्थना करें।
उद्यमियों ने मनाया होली मिलन समारोह
कोटवन इंडस्ट्रियल एरिया में प्रशासनिक भवन पर कोसी-कोटवन इंडस्ट्रियल एसोसिएशन का होली मिलन समारोह मनाया गया। उद्यमियों की समस्याओं पर विचार के साथ एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दी गईं। एसोसिएसन अध्यक्ष ध्रुव कुमार पांचाल, उपाध्यक्ष चौधरी सुनील, विनोद कुमार शर्मा, अतुल मेहंदी, राजेश यादव, समर सिंह यादव, अजय पाल सिंह, दीपक जैन, मनोज बेनीवाल, राकेश बंसल आदि थे।
